चंडीगढ़ : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा में इस बार देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ और ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तहत 9 से 17 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इन आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को नई पीढ़ी से जोड़ना और देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
नारनौल से होगा अभियान का आगाज
हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत 9 अगस्त को नारनौल से होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करीब 10 किलोमीटर लंबी तिरंगा मैराथन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस मैराथन में करीब 35 हजार युवा हाथों में तिरंगा लेकर शामिल होंगे।
आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को करीब 25 हजार राष्ट्रीय ध्वज भी वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि बड़ी संख्या में युवाओं को इस अभियान से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाए।
प्रदेशभर में होंगे कई कार्यक्रम
9 से 17 अगस्त के बीच हरियाणा के अलग-अलग जिलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें तिरंगा कॉन्सर्ट, तिरंगा एवं वंदे मातरम् प्रदर्शनियां, बाइक रैली, साइकिल रैली और ई-बाइक रैली प्रमुख हैं। जिला स्तर पर तिरंगा यात्राएं भी निकाली जाएंगी।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। देशभक्ति की थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सरकारी भवनों पर तिरंगा लाइटिंग के जरिए भी देशभक्ति का माहौल बनाया जाएगा।
सरकार डिजिटल माध्यमों को भी अभियान का हिस्सा बनाएगी। सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और अभियान से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
14 अगस्त को याद किया जाएगा विभाजन का दर्द
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में स्मृति कार्यक्रम होंगे, जबकि राज्य स्तरीय कार्यक्रम गुरुग्राम में आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान विभाजन से जुड़ी घटनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभाजन से प्रभावित परिवारों की कहानियां भी लोगों के सामने रखी जाएंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, संघर्ष और पीड़ा से परिचित कराना है।
स्कूल-कॉलेज और सामाजिक संगठनों की होगी भागीदारी
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, आरडब्ल्यूए, युवा क्लब, सामाजिक संगठन, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय समुदायों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
सरकार का जोर इन आयोजनों को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी का अभियान बनाने पर है। 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए हरियाणा में तिरंगे, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है।

