लखनऊ : संसद में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधानों वाले बिल के पास होने के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस पर सवाल उठाए हैं। मायावती ने कहा कि केवल पेपर लीक के बाद दोषियों को सजा देने से इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को ऐसे ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, जिससे पेपर लीक की घटनाएं होने से पहले ही रोकी जा सकें।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण युवाओं में निराशा और मानसिक तनाव की स्थिति पैदा होती है और कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में संसद ने एक बार फिर सख्त सजा के प्रावधान वाला कानून बनाने के लिए बिल पारित किया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान हो जाएगा?
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि नया कानून पेपर लीक होने के बाद अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है, जबकि असली जरूरत इस अपराध को होने से पहले रोकने की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध के लिए सजा जरूरी है, लेकिन अपराध की प्रभावी रोकथाम उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। मायावती के मुताबिक, पहले से मौजूद कानूनों के बावजूद पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, इसलिए नए कानून की प्रभावशीलता को लेकर लोगों के मन में सवाल होना स्वाभाविक है।
मायावती ने पेपर लीक के मुद्दे को देश की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए व्यापक सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने और गरीब, वंचित तथा मेहनतकश परिवारों के बच्चों को समान अवसर देने की मांग की। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में सक्षम हैं, लेकिन करोड़ों गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चे संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था में मौजूद बड़ी समस्याओं में से सिर्फ एक है। इसके समाधान के लिए सरकार को दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रयासों के साथ व्यापक सुधार करने होंगे।
मायावती ने संसद में बिल पर हुई बहस को लेकर भी राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा के दौरान गंभीर समाधान पर विचार करने के बजाय दलगत राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप अधिक देखने को मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कानून पर कानून बनाना ही पेपर लीक जैसी जटिल समस्या का समाधान है। मायावती ने सरकार से सख्त कानून के साथ पेपर लीक की रोकथाम के लिए प्रभावी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित करने की अपील की।

