सहारनपुर : सावन मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जाने वाले शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले को 8 जोन, 52 सेक्टर और 100 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है।
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिले में रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन ने भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग यातायात व्यवस्था बनाई है। शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि कांवड़ मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से छूट दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कांवड़ मार्ग पर करीब 1750 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 250 अतिरिक्त कैमरे भी शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी यात्रा मार्ग की निगरानी की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए रखेंगी।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने डिजिटल सेवा भी शुरू की है। क्यूआर कोड और वेब लिंक के जरिए शिवभक्त अपने मोबाइल पर नजदीकी शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, ढाबे, पुलिस चौकी, हेल्पलाइन नंबर, कांवड़ शिविर और रूट डायवर्जन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह क्यूआर कोड प्रमुख चौराहों और हाईवे प्वाइंट्स पर लगाए गए हैं।
नगर निगम की ओर से करीब 9 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। मार्ग पर 60 लेन और 52 कट बंद किए गए हैं, जबकि 1723 स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। शिवभक्तों के स्नान के लिए 38 बोरिंग और नलयुक्त शावर लगाए गए हैं। वहीं, कांवड़ मार्ग से जुड़े 44 गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। दो पालियों में करीब 600 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती बरती है। सहारनपुर के अलावा हरियाणा के यमुनानगर और करनाल क्षेत्र के एक हजार से अधिक डीजे संचालकों को नोटिस जारी कर शासन की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी अभिनंदन सिंह के मुताबिक, डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। साथ ही ऐसे गीतों पर प्रतिबंध रहेगा, जिनसे किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। नियमों का उल्लंघन करने पर डीजे जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दिल्ली-गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रूट तय किए हैं। भारी और मध्यम वाहनों को बाईपास और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। हल्के वाहनों को भी आवश्यकता के अनुसार कांवड़ मार्ग से हटाकर वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसके लिए पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, बिजली और पंचायत विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

