शामली : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आतंक का पर्याय बन चुके 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन का शुक्रवार तड़के शामली पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में अंत हो गया। कांधला थाना क्षेत्र के खंद्रावली के जंगल में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग में मेहताब को घायल कर दिया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में उपनिरीक्षक दीपचंद भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, मेहताब का एक साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार कॉम्बिंग अभियान चला रही है।
डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि बाइक सवार दो बदमाश बाबरी और आदर्श मंडी थाना क्षेत्रों में वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। पीछा करते हुए पुलिस टीम कांधला क्षेत्र के खंद्रावली जंगल तक पहुंची, जहां खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मेहताब गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से भाग निकला।
घटनास्थल से पुलिस ने एक 9 एमएम की देसी कारबाइन, एक पिस्टल तथा भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों बदमाश किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान मेहताब पुत्र मंजूरा उर्फ बेचैन, निवासी मोहल्ला आलकला, थाना कैराना, जनपद शामली के रूप में हुई है। वह पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था और वर्तमान में सहारनपुर जिले में छिपकर रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 4 मई 2026 को सहारनपुर परिक्षेत्र के डीआईजी द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मेहताब उर्फ बेचैन पिछले करीब 17 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वर्ष 2009 में उसके खिलाफ पहला हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने हत्या, डकैती, रंगदारी, फिरौती के लिए अपहरण, लूट, अवैध हथियारों की तस्करी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में लगातार अपराध किए। उसके खिलाफ शामली, सहारनपुर और आसपास के कई जिलों के विभिन्न थानों में कुल 34 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार मेहताब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुकीम उर्फ काला गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था। यह गैंग हत्या, रंगदारी, डकैती और संगठित अपराध की कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। मेहताब गैंग के लिए हथियारों के दम पर वारदातों को अंजाम देता था और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।
फिलहाल पुलिस फरार बदमाश की तलाश में विशेष टीमें लगाकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

