सहारनपुर : ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज (AISS) के तत्वावधान में रविवार, 30 अगस्त 2026 को दिल्ली रोड स्थित फुलवारी गार्डन में आयोजित ‘सामाजिक चेतना व राजनीतिक संगोष्ठी’ में सैनी समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में सहारनपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। संगोष्ठी में सामाजिक एकता, शिक्षा, युवा नेतृत्व, राजनीतिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. दिलबाग सिंह सैनी ने की, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. धर्मसिंह सैनी प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस दौरान डॉ. धर्मसिंह सैनी को ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज का वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने डॉ. धर्मसिंह सैनी को फूल-मालाएं पहनाईं, पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और तलवार भेंट की। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच हुए स्वागत से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा। आयोजकों ने कहा कि डॉ. धर्मसिंह सैनी को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से समाज के लोगों में उत्साह है और उनके अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा।
युवाओं को राजनीति में आगे आना होगा
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. धर्मसिंह सैनी ने समाज के युवाओं से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए युवाओं को बढ़-चढ़कर राजनीति में आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती केवल उसकी जनसंख्या से तय नहीं होती, बल्कि शिक्षा, संगठन, सामाजिक एकता और राजनीतिक जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग यदि शिक्षित और जागरूक होकर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेगा तो समाज की समस्याओं और जरूरतों को उचित मंच तक पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझें और पंचायत से लेकर विधानसभा एवं संसद तक राजनीतिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाएं। राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनहित और समाज के जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाना भी है। डॉ. धर्मसिंह सैनी ने कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करनी चाहिए। आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का उपयोग सामाजिक जागरूकता, रोजगार, शिक्षा और जनहित के कार्यों के लिए किया जा सकता है।

शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया
कार्यक्रम में शिक्षा को समाज के विकास का प्रमुख आधार बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक परिवार को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई प्रतिभाशाली बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, इसके लिए समाज के सक्षम लोगों को सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बेटियों की शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने को समाज के उज्ज्वल भविष्य से जोड़कर देखा गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. दिलबाग सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में किया गया निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करता है।
नशे के खिलाफ चलाया जाए जागरूकता अभियान
संगोष्ठी में युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर भी चिंता जताई गई। डॉ. धर्मसिंह सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को गांव और कस्बों में नशा मुक्ति अभियान चलाना चाहिए। युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सेवा से जोड़कर सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है।

दहेज प्रथा और मृत्यु भोज समाप्त करने की अपील
डॉ. धर्मसिंह सैनी ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं में होने वाली फिजूलखर्ची को समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को आर्थिक लेन-देन और दिखावे से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने युवाओं से दहेज रहित विवाह को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कहा कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत परिवार से होती है और नई पीढ़ी को इस दिशा में आगे आना होगा। मृत्यु भोज के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी परिवार में मृत्यु के बाद परिजन पहले से ही भावनात्मक और आर्थिक संकट से गुजर रहे होते हैं। ऐसे समय में अनावश्यक खर्च का दबाव परिवार की परेशानियों को बढ़ा सकता है। उन्होंने समाज से इस प्रकार की फिजूलखर्ची को समाप्त करने के लिए सामूहिक पहल करने की अपील की।
सामाजिक एकता ही सबसे बड़ी ताकत
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. दिलबाग सिंह सैनी ने सामाजिक एकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही अपने सामूहिक हितों के लिए प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। समाज के लोगों को छोटे-छोटे मतभेदों से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुधार और समाजहित के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि संगठन को केवल पदों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए ठोस कार्य करने चाहिए। संगोष्ठी में महिलाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर दिए जाने चाहिए।

डॉ. धर्मसिंह सैनी के सम्मान में दिखा उत्साह
डॉ. धर्मसिंह सैनी को वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने के बाद समाज के लोगों में उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उनका अभिनंदन किया। आयोजकों ने कहा कि उनके सामाजिक और राजनीतिक अनुभव से संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। संगोष्ठी में समाज की नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ सामाजिक मूल्यों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार के साथ समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन हंसराज सैनी और नरेश सैनी ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में प्रदेश अध्यक्ष ओमपाल सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. महेंद्र सिंह सैनी, नरेंद्र सैनी जिला अध्यक्ष विशाल सैनी समिति, डॉ. ऋषिपाल सैनी जिला अध्यक्ष ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज, माननीय देवेंद्र सैनी, धर्मपाल सैनी एडवोकेट, सही राम सैनी अध्यक्ष, ऋतु सैनी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, युवा, महिलाएं और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक मंडल की ओर से सभी अतिथियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी शिक्षा, सामाजिक एकता, युवा नेतृत्व और सामाजिक सुधार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगोष्ठी का समापन समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने, युवाओं को नेतृत्व के लिए आगे बढ़ाने, नशे से दूर रहने तथा दहेज और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।

