सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। सोमवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मामले की वास्तविक स्थिति जानने और प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखने के लिए सहारनपुर पहुंचा। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम से पहले ही कई सपा नेताओं को कथित तौर पर उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया। इसके बावजूद कई प्रमुख नेता सर्किट हाउस पहुंचे, जहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा गया।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में सपा नेताओं ने सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सर्किट हाउस और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा तथा बैरिकेडिंग की गई। इन पाबंदियों के कारण प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके।
इस बीच कैराना की सपा सांसद इकरा हसन भी प्रशासनिक सख्ती के बावजूद सहारनपुर पहुंचीं। आरोप है कि उन्हें कैराना स्थित आवास पर पुलिस की मौजूदगी में हाउस अरेस्ट किया गया था। इसके बावजूद वह अपने भाई और कैराना विधायक नाहिद हसन के साथ सहारनपुर आईं। दोपहर करीब एक बजे इकरा हसन सर्किट हाउस पहुंचीं, जहां मौजूद सपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इकरा हसन ने जनप्रतिनिधियों को रोकने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता की समस्याएं उठाने और अधिकारियों से मुलाकात करने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि प्रशासन के सामने अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दे रखने के लिए जिम्मेदार हैं।
सपा नेताओं ने मस्जिद के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कार्रवाई में जल्दबाजी की और संबंधित पक्ष को पर्याप्त समय नहीं दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस मामले में कानूनी विकल्पों और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए था।
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाई है और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी स्तर पर भी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा विपक्षी नेताओं को रोकना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
प्रतिनिधिमंडल में विधायक आशु मलिक, सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक उमर अली खान, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी वाहिद, नगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी और कैराना विधायक नाहिद हसन समेत कई नेता शामिल रहे।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर में विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सोमवार को सपा नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस और इकरा हसन के सर्किट हाउस पहुंचने के बाद विवाद ने राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत के साथ-साथ कानूनी लड़ाई भी तेज होने के आसार हैं।

