लखनऊ : प्रयागराज में शिक्षक भर्ती के नियमों को लेकर आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत का रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखकर प्रभावित अभ्यर्थियों को एक बार की छूट देने की सिफारिश करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य को प्रशासनिक जटिलताओं में नहीं उलझाया जाना चाहिए।
दरअसल, प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि प्रस्तावित शिक्षक भर्ती में उन्हें पुरानी नियमावली के आधार पर आवेदन का अवसर दिया जाए। छात्रों का कहना है कि नई नियमावली के तहत निर्धारित शैक्षणिक और प्रशिक्षण संबंधी पात्रता के कारण बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी आवेदन से बाहर हो सकते हैं, जो पहले की योग्यता के आधार पर तैयारी कर रहे थे।
एक बार की राहत देने का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में प्रयागराज के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को NCTE को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना था कि प्रभावित युवाओं को एक बार राहत देने के लिए रास्ता तलाशा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने ऐसी व्यवस्था विकसित करने की बात कही, जिससे निर्धारित समय के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।
प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी के अलावा प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर भी प्रतियोगी छात्र आंदोलन कर चुके हैं। सितंबर में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और धरना स्थल से छात्रों को हटाए जाने की खबरें सामने आई थीं।
3567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पूरी की थी।
सरकार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी, पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार रोजगार देने का काम कर रही है, जबकि विपक्ष इन आंकड़ों की गिनती करता रहे।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुरानी व्यवस्थाओं की जड़ता ने युवाओं के सामने बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी है।
अब सभी की नजर NCTE को भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर रहेगी। यदि परिषद की ओर से एक बार की छूट संबंधी सिफारिश पर सहमति बनती है, तो प्रयागराज में आंदोलन कर रहे उन अभ्यर्थियों के लिए आगे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का रास्ता खुल सकता है, जो मौजूदा नियमों को लेकर प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।

