उत्तराखंड वन विभाग में तबादलों का खेल! आदेश निकले, कर्मचारी नहीं हुए रिलीव; मुख्यालय की चिट्ठी भी बेअसर

Forest Department Employee Transfer

देहरादून : उत्तराखंड वन विभाग में इस बार हुए बंपर तबादलों पर अब सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने लंबे होमवर्क के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों की जंबो ट्रांसफर लिस्ट जारी की, लेकिन करीब एक महीने बाद भी कई स्थानांतरण आदेश जमीन पर लागू नहीं हो सके हैं। कागजों में कर्मचारी नई जगह स्थानांतरित हो चुके हैं, मगर हकीकत में उन्होंने नई तैनाती ज्वाइन ही नहीं की। इससे विभागीय व्यवस्था और तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि वन विभाग में इस बार बड़ी संख्या में कर्मचारियों के तबादले किए गए थे। इनमें कई ऐसे कर्मचारी भी शामिल थे, जो लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। विभाग की ओर से काफी समय तक होमवर्क करने के बाद तबादला सूची जारी की गई। उम्मीद थी कि इससे कर्मचारियों को उनकी जरूरत और विभागीय व्यवस्था के मुताबिक नई तैनाती मिल सकेगी।

लेकिन आदेश जारी होने के बाद तस्वीर अलग नजर आ रही है। दर्जनों मामलों में कर्मचारी पुरानी जगह पर ही बने हुए हैं और नई तैनाती पर नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका है तो उसका पालन आखिर क्यों नहीं हो रहा?

मुख्यालय को मिली शिकायतें, अधिकारियों को भेजी चिट्ठी

नई तैनाती नहीं लेने के मामले सामने आने के बाद वन मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट तौर पर स्थानांतरण आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जिन कर्मचारियों का तबादला किया गया है, उन्हें जल्द से जल्द पुरानी तैनाती से रिलीव कर नई जगह भेजा जाए।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि मुख्यालय की ओर से पत्र जारी होने के कई दिन बाद भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। यानी पहले तबादला आदेश के पालन में देरी हुई और अब उसे लागू कराने के लिए भेजी गई चिट्ठी भी प्रभावी होती नहीं दिख रही है।

कर्मचारियों को रिलीव नहीं करने की शिकायत

तबादला आदेश लागू नहीं होने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। विभागीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक कुछ स्थानों पर संबंधित अधिकारियों ने स्थानांतरित कर्मचारियों को पुरानी तैनाती से रिलीव नहीं किया है। इसके चलते कर्मचारी नई जगह जाकर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं।

इसके अलावा कुछ मामलों में जिस कर्मचारी का तबादला हुआ है, उसके स्थान पर दूसरे कर्मचारी के नई पोस्टिंग पर नहीं पहुंचने की बात भी सामने आ रही है। इससे अधिकारियों के सामने भी कामकाज प्रभावित होने की दलील दी जा रही है।

हालांकि, सवाल यही है कि यदि किसी कर्मचारी का तबादला आदेश जारी हो चुका है तो उसे रोकने या आदेश का पालन न करने का अधिकार किस स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

CCF HRD ने माना, होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले को लेकर वन मुख्यालय में तैनात CCF मानव संसाधन पीके पात्रो ने भी माना कि तबादला सूची के बावजूद कुछ कर्मचारी अब तक नई पोस्टिंग पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभिन्न डिवीजन को पत्र लिखकर आदेशों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने साफ किया कि यदि किसी अधिकारी की ओर से स्थानांतरण आदेश के तहत कर्मचारी को नई तैनाती पर नहीं भेजा जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कागजों से जमीन तक कब पहुंचेगा तबादला?

वन विभाग में तबादले को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आदेशों को लागू कराने में इतनी मुश्किल क्यों आ रही है। अगर कर्मचारी पुरानी जगह पर ही काम कर रहे हैं और नई जगह उनकी ज्वाइनिंग नहीं हो रही है, तो फिर तबादला सूची का वास्तविक उद्देश्य पूरा कैसे होगा?

विभागीय अधिकारियों के सामने अब चुनौती केवल नई तैनाती नहीं कराने वाले कर्मचारियों को भेजने की नहीं है, बल्कि उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी है, जो आदेशों का पालन नहीं करा पा रहे हैं।

फिलहाल मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में विभाग इस जंबो ट्रांसफर लिस्ट को वास्तव में जमीन पर लागू करा पाता है या फिर उत्तराखंड वन विभाग में तबादलों की यह कहानी कागजों तक ही सीमित रह जाती है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया News 14 Today के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts