सहारनपुर : अयोध्या के राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश से जुड़े मामले में NIA और आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की संयुक्त कार्रवाई में सहारनपुर के गंगोह निवासी मोहम्मद सुहैल को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से उनकी निगरानी में था और उसके कुछ संदिग्ध व्यक्तियों एवं संगठनों से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक मोहम्मद सुहैल को कर्नाटक के दावणगेरे क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जहां वह कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर पेंटर का काम कर रहा था। जांच एजेंसियों को उसके पास से मिले डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। सूत्रों के अनुसार कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें सुहैल हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों और अन्य डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी के कथित पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। इसके अलावा उसके कई संदिग्ध ऑनलाइन ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक NIA को मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी राम मंदिर को निशाना बनाने की योजना से जुड़ा हो सकता है। हालांकि अभी मामले की विस्तृत जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

इधर उत्तर प्रदेश में भी सुहैल के संपर्कों, गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां सहारनपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में उसके संभावित सहयोगियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। वहीं गिरफ्तारी के बाद परिवार ने मोहम्मद सुहैल को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पिता लियाकत ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा 6 जून को पेंटिंग का काम करने के लिए कर्नाटक गया था। उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, लेकिन बिना किसी ठोस आधार के उसे फंसाया नहीं जाना चाहिए।
सुहैल के भाई मुजम्मिल ने बताया कि वह दिल्ली में होजरी का काम करता है और उसके कहने पर ही सुहैल एक ठेकेदार के साथ कर्नाटक गया था। उन्होंने दावा किया कि सुहैल को मोबाइल चलाने और फोटोग्राफी का शौक था तथा उसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। बहन गुलस्ता ने बताया कि परिवार में छह बहनें और चार भाई हैं। बड़े भाई शोएब की उम्र 22 वर्ष है, जबकि सुहैल करीब 20 वर्ष का है। एक अन्य भाई अयाज पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब में वाहन चालक के रूप में कार्यरत है।
मुजम्मिल दिल्ली में रोजगार कर रहा है। परिवार का कहना है कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामला किसी बड़े षड्यंत्र से जुड़ा है या नहीं। वहीं परिवार गिरफ्तारी को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

