सहारनपुर : सहारनपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच नकुड़ पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 2 किलो 380 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत पुलिस ने करीब 4 करोड़ 76 लाख रुपये बताई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 10 लाख 30 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और एक अपाचे बाइक भी बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के पखनपुर निवासी सन्नी, बरेली के कादरगंज निवासी अर्शलान उर्फ गुड्डू और शाहजहांपुर के नरेना निवासी हर्षित के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि सन्नी और हर्षित वर्तमान में बरेली में रह रहे थे। तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने स्मैक की सप्लाई लाइन से जुड़े कई नाम सामने आने का दावा किया है।
बिजलीघर चौराहे के पास चेकिंग में पकड़े गए
पुलिस के अनुसार नकुड़ थाना पुलिस की टीम अंबेहटापीर बिजलीघर चौराहे के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीनों युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी मात्रा में स्मैक बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक सन्नी के कब्जे से 950 ग्राम, अर्शलान के पास से 900 ग्राम और हर्षित के पास से 530 ग्राम स्मैक मिली। तीनों से बरामद कुल स्मैक की मात्रा 2 किलो 380 ग्राम बताई गई है।
इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 लाख 30 हजार रुपये नकद बरामद किए। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने इस रकम को स्मैक की बिक्री से मिली रकम बताया है। हालांकि नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
बरेली से सहारनपुर तक जुड़ी सप्लाई लाइन
एसएसपी अभिनंदन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्मैक की सप्लाई से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं। पुलिस के मुताबिक सन्नी ने बताया कि तीनों आरोपी बरेली के फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र निवासी जिलानी उर्फ बबलू से स्मैक खरीदते थे।
पुलिस के अनुसार जिलानी, गिरफ्तार आरोपी अर्शलान का मामा है। आरोपियों द्वारा बरेली से स्मैक लाने के बाद उसे अलग-अलग ग्राहकों तक पहुंचाने की बात सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का दायरा गिरफ्तार तीन आरोपियों तक सीमित नहीं है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिलानी तक स्मैक की सप्लाई कहां से पहुंचती थी और उसके बाद इसे किन-किन इलाकों में भेजा जाता था।
सहारनपुर के पुराने आरोपी का भी सामने आया नाम
पूछताछ के दौरान सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र के बुढेड़ा निवासी अमित उर्फ अनित का नाम भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के मुताबिक अमित पहले से ही स्मैक तस्करी के मामले में जेल में बंद है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में अमित के जेल जाने के बाद उसके भतीजे आर्यन द्वारा इस कारोबार को संभालने की बात सामने आई है। अब जांच टीम इस कड़ी की भी पड़ताल कर रही है कि आर्यन की भूमिका क्या रही और वह नेटवर्क में किन लोगों के संपर्क में था।
पुलिस पुराने मामलों और वर्तमान गिरफ्तारी के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
सन्नी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी सन्नी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2021 में चिलकाना थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी वर्ष गागलहेड़ी थाने में भी उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पुराने मामलों के बाद सन्नी किस तरह दोबारा नशे के कारोबार से जुड़ा और उसके संपर्क किन लोगों से बने।
मोबाइल और पैसों के लेनदेन की जांच
पुलिस ने चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइल की जांच को नेटवर्क की अगली कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।
इसके अलावा 10.30 लाख रुपये के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि बरामद रकम किन लोगों से जुड़ी है और स्मैक की बिक्री से संबंधित पैसों का नेटवर्क किस तरह संचालित होता था।
नकुड़ थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। बरेली से सहारनपुर तक फैली इस सप्लाई लाइन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और नशे की खेप किन-किन स्थानों तक पहुंचाई जा रही थी।

