सहारनपुर : सहारनपुर में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों से जुड़े मामले की जांच के बीच अब नकली सिक्कों का मामला सामने आया है। नगर कोतवाली और एसओजी की संयुक्त टीम ने 20 रुपये के नकली सिक्के बाजार में चलाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 1.20 लाख रुपये कीमत के नकली सिक्के बरामद किए गए हैं। पूछताछ में इन्हें बाजार में खपाने के लिए कमीशन का सिस्टम सामने आया है।
पुलिस ने आवास विकास कॉलोनी निवासी कुलदीप और विपिन को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में दोनों की भूमिका नकली सिक्कों को बाजार तक पहुंचाने और उन्हें चलाने से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्कों की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं।
4 हजार के नकली सिक्के चलाने पर 400 रुपये कमीशन
पूछताछ में आरोपी कुलदीप ने पुलिस को बताया कि उसे 4,000 रुपये के नकली सिक्के बाजार में चलाने के बदले 400 रुपये कमीशन दिया जाता था। यानी नेटवर्क में नकली सिक्के खपाने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन का खेल चल रहा था।
इस खुलासे के बाद पुलिस को आशंका है कि नकली सिक्कों की सप्लाई करने वाले और उन्हें बाजार में चलाने वाले लोग अलग-अलग हो सकते हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य लोगों को भी इसी तरह कमीशन देकर नकली सिक्के चलाने के लिए लगाया गया था।
1.20 लाख की खेप से बढ़े सवाल
करीब 1.20 लाख रुपये के नकली सिक्कों की बरामदगी ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नकली सिक्के सहारनपुर तक कैसे पहुंचे और इससे पहले कितनी खेप बाजार में पहुंच चुकी है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि सिक्के किसी दूसरे शहर से लाए गए थे या स्थानीय स्तर पर इनकी सप्लाई की जा रही थी। आरोपियों के संभावित संपर्कों और उन लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
दुकानदारों तक पहुंची नकली मुद्रा?
जांच का अहम पहलू यह भी है कि आरोपियों ने नकली सिक्के किन दुकानदारों या कारोबारियों के बीच चलाए। पुलिस पूछताछ के जरिए उन स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां इन सिक्कों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
सहारनपुर में पहले से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों का मामला जांच के दायरे में है। इस मामले में एनआईए भी जांच कर रही है। हालांकि, फिलहाल नकली सिक्कों और नकली नोटों के मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर नकली सिक्कों के सप्लायर और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि यह स्थानीय स्तर का नेटवर्क है या इसके पीछे बड़ा सप्लाई तंत्र सक्रिय है।

