सहारनपुर में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: ब्लैक स्पॉट से स्कूली वाहनों तक होगी कड़ी निगरानी

सहारनपुर में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: ब्लैक स्पॉट से स्कूली वाहनों तक होगी कड़ी निगरानी

सहारनपुर : जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक और जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठकों में दुर्घटना संभावित स्थलों, अवैध पार्किंग, डग्गामार वाहनों, स्कूली बसों की फिटनेस और स्कूलों के समय यातायात प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई, शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह, अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन एवं प्रवर्तन, नगर निगम, एनएचएआई तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

iRAD पोर्टल पर हर सड़क दुर्घटना की होगी शत-प्रतिशत फीडिंग

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना की जानकारी iRAD पोर्टल पर शत-प्रतिशत और समयबद्ध तरीके से दर्ज की जानी चाहिए। उनके अनुसार, दुर्घटनाओं के सही आंकड़े ही यह समझने में मदद करेंगे कि हादसे किन कारणों से हो रहे हैं और किन स्थानों पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है। इन आंकड़ों के आधार पर ब्लैक स्पॉट और अन्य संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि डेटा फीडिंग में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। दुर्घटनाओं का सही विश्लेषण सड़क सुरक्षा की प्रभावी योजना तैयार करने के लिए जरूरी है।

ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर विशेष फोकस

बैठक में पिछले तीन वर्षों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट और अन्य संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को ऐसे स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के सुधारात्मक उपाय किए जाएं। जहां तत्काल सड़क संकेतक, बैरिकेडिंग, स्पीड नियंत्रण या अन्य सुरक्षा इंतजाम की जरूरत है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए। वहीं स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण या इंजीनियरिंग कार्यों की योजना तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि किए गए सुधारात्मक कार्यों की प्रभावशीलता की भी नियमित समीक्षा की जाए।

अवैध पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों को यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमित और प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहन न केवल यातायात बाधित करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। इसलिए प्रमुख सड़कों और व्यस्त मार्गों पर अनधिकृत पार्किंग को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए। बैठक में अवैध बस स्टैंड, डग्गामार बसों और अनधिकृत ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो के खिलाफ भी सघन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए कहा गया।

एनएचएआई मार्गों के अवैध कट होंगे बंद

जिलाधिकारी ने एनएचएआई के मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों पर बने अवैध कटों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नियमों के विरुद्ध बने कटों को चिन्हित कर उन्हें बंद कराया जाए। कई बार अनधिकृत कटों के कारण तेज गति से चलने वाले वाहनों के सामने अचानक दूसरी दिशा से वाहन आ जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। जहां आवश्यकता होगी वहां यातायात संकेतक, चेतावनी बोर्ड और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।

बस चालकों और परिचालकों की होगी स्वास्थ्य जांच

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहन चालकों की शारीरिक क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना गया है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को बस चालकों और परिचालकों के नियमित स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाएगा और पात्र चालकों एवं परिचालकों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि चालक की स्वास्थ्य स्थिति और दृष्टि क्षमता सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़ी है।

स्कूली वाहनों पर प्रशासन की कड़ी नजर

जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बसों, वैन और अन्य वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग को नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रत्येक स्कूली वाहन की फिटनेस, चालक का वैध लाइसेंस और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।विद्यालय प्रबंधकों को भी निर्देश दिए गए कि स्कूल परिसर के बाहर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग न होने दी जाए। बसों और अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्कूल समय में जाम से निपटने के लिए बनेगा प्लान

बैठक में विद्यालयों के खुलने और छुट्टी के समय मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम की समस्या पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी स्कूलों की समय-सारणी का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर यातायात और रूट प्लान तैयार किया जाए, ताकि एक ही समय में बड़ी संख्या में स्कूल वाहन सड़कों पर आने से जाम की स्थिति पैदा न हो। विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों और सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। केवल पुलिस या परिवहन विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। सभी विभागों और नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था में सुधार और स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए तय किए गए सभी कदमों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि सहारनपुर में सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था विकसित की जा सके।

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