उन्नाव : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद साक्षी महाराज ने देश में सनातन बोर्ड के गठन की मांग का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जब भारत में वक्फ बोर्ड जैसी व्यवस्था पहले से मौजूद है, तो सनातन बोर्ड के गठन पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जो सभी समुदायों के धार्मिक संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मंदिरों से होने वाली आय हिंदू समाज के कल्याण और धार्मिक गतिविधियों पर खर्च की जाए, जबकि मस्जिदों से संबंधित संसाधनों का उपयोग मुस्लिम समाज के हित में किया जाए।
साक्षी महाराज ने कहा कि प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर लंबे समय से सनातन बोर्ड की मांग उठा रहे हैं और वह स्वयं भी इस मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और भारत की धार्मिक विरासत की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह एक अखाड़े के धर्माचार्य भी हैं और वर्षों से सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या और काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास हुआ है। उनके अनुसार, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम का विस्तार देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाले कदम हैं। उन्होंने कहा कि अब मथुरा और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी उसी स्तर पर विकसित किया जाना चाहिए, ताकि देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि यदि वे स्वयं को यदुवंशी मानते हैं, तो उन्हें भगवान श्रीकृष्ण और मथुरा से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ऐसे विषयों पर स्पष्ट रुख अपनाने से बचता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता इन मुद्दों पर पहल नहीं कर सकता, तो उसे कम से कम यह स्वीकार करना चाहिए कि यह उसके अधिकार क्षेत्र या क्षमता से बाहर है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि देश को सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस के शासनकाल में हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आए और कई नेताओं को जेल तक जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने विकास, बुनियादी ढांचे, धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके अनुसार, इन्हीं कार्यों के कारण जनता लगातार भाजपा पर भरोसा जता रही है।
साक्षी महाराज ने कहा कि आज सनातन और हिंदुत्व भाजपा की पहचान बन चुके हैं और जनता राष्ट्रहित तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के मुद्दों पर पार्टी को समर्थन दे रही है। उन्होंने विपक्ष द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और देश की जनता स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सरकार चुनती है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर अफवाहों से बचें और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने दें। साक्षी महाराज ने विश्वास जताया कि सरकार पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगी और कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा करना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है और इस दिशा में समाज तथा सरकार को मिलकर कार्य करना चाहिए।

