अयोध्या राम मंदिर में SIT की बड़ी जांच, दान पेटियों से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक खंगाले रिकॉर्ड

Ram Mandir Donation Controversy, Ayodhya Ram Temple Donation Embezzlement, Ayodhya Ram Temple, SIT Team in Ayodhya,

अयोध्या : SIT टीम सोमवार दोपहर को अयोध्या राम मंदिर में डोनेशन से जुड़े गबन और फाइनेंशियल गड़बड़ियों की जांच करने पहुंची। दोपहर करीब 2:53 बजे मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद, टीम ने सबसे पहले राम मंदिर का दौरा किया और अपनी जांच शुरू की। टीम ने सबसे पहले उस डोनेशन बॉक्स की जांच की जिसमें भक्त पैसे डालते हैं। फिर उन्होंने डोनेशन की गिनती के बारे में जानकारी इकट्ठा की। टीम के सदस्यों ने उस सुरक्षित जगह का भी निरीक्षण किया जहां डोनेशन बॉक्स रखा जाता है। टीम ने CCTV फुटेज भी मांगी।

जांच के दौरान, टीम ने वहां काम करने वाले स्टाफ से पूछताछ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम ने मंदिर के कंस्ट्रक्शन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की। उन्होंने डोनेशन बॉक्स से मिले पैसों के अकाउंट्स, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और इसमें शामिल कर्मचारियों की भूमिकाओं के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की। टीम ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, SSP, सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (सिक्योरिटी), और ट्रस्ट द्वारा नियुक्त कुछ अधिकारियों के साथ-साथ मंदिर मजिस्ट्रेट के साथ भी मीटिंग की। उन्होंने अब तक हुई पूरी घटना की जानकारी भी इकट्ठा की। हालांकि, मंदिर परिसर में SIT टीम के साथ मौजूद ट्रस्ट अधिकारियों के बारे में जानकारी अभी नहीं मिली है।

टीम और अधिकारियों ने गोपनीयता और खाने-पीने का अलग से इंतज़ाम किया है। सूत्रों से पता चला है कि टीम के लिए एक ऑफिस बनाया जा रहा है। इसके लिए सिविल लाइंस में अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के ऑफिस को चुना गया है। वहां कंप्यूटर और फर्नीचर, एयर कंडीशनिंग समेत, देने के निर्देश दिए गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, चंदा गिनने में शामिल कर्मचारियों के बयान और CCTV फुटेज SIT की जांच में अहम हो सकते हैं। इसके अलावा, दान पेटियों से निकाली गई रकम और बैंक अकाउंट में जमा रकम में मिला अंतर और ट्रस्ट द्वारा अब तक किए गए ऑडिट के नतीजे भी जांच के अहम बिंदु होंगे। खबर है कि टीम ने कुछ CCTV फुटेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए तैयार किया जा रहा है।

टीम मंदिर के पांच कर्मचारियों को टारगेट कर रही है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक कर्मचारी के पास करोड़ों की संपत्ति है। दूसरे कर्मचारी के घर से 30 लाख रुपये कैश मिले हैं। यह कर्मचारी दान की रकम गिनने का काम करता था। मंदिर में चढ़ाए गए गहनों की गिनती करने वाला दूसरा कर्मचारी भी शक के दायरे में है। इसके अलावा, मंदिर के एक कर्मचारी के लाइफस्टाइल में अचानक आए बदलाव की भी जांच की जा रही है। दो अन्य कर्मचारियों के लाइफस्टाइल में अचानक आया बदलाव भी चर्चा का विषय है। टीम इन सभी मामलों की जानकारी इकट्ठा कर रही है। हालांकि, अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है।

कुछ दिन पहले, मंदिर के पूर्व अकाउंटिंग ऑफिसर महिपाल सिंह ने दावा किया था कि मंदिर के दान में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने सात करोड़ रुपये की गड़बड़ियों का आरोप लगाया था और यह भी कहा था कि पिछले आठ महीनों की CCTV फुटेज डिलीट कर दी गई है। इसके बाद, राम मंदिर ट्रस्ट ने सरकार से मामले की SIT जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद, योगी सरकार ने SIT बनाई। SIT में राज्य के सीनियर अधिकारी शामिल हैं। यह टीम सोमवार को अयोध्या पहुंची। टीम ने सभी आरोपों और दूसरे मामलों की जांच शुरू कर दी है। टीम डोनेशन के हर पहलू और कर्मचारी के काम करने के तरीके की अच्छी तरह से जांच कर रही है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया News 14 Today के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts