सहारनपुर : चमत्कारी और औषधीय गुणों वाले दुर्लभ दोमुंहे सांप का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर ठग को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की शानो-शौकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह ऑडी कार में घूमता था और लोगों पर रौब जमाने के लिए अपने साथ नोट गिनने की मशीन, नकली नोटों की गड्डियां और फर्जी दस्तावेज रखता था।
थाना कुतुबशेर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पूजा एन्क्लेव के पास दबनी कब्रिस्तान वाले खंडजे से आरोपी आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद भोल्लर निवासी शिवधाम कॉलोनी, खाताखेड़ी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 4 लाख 94 हजार रुपये नकद, एक ऑडी क्यू-3 कार, नोट गिनने की मशीन, दो दुर्लभ रेड सैंड बोआ (दोमुंहा सांप), फर्जी आधार कार्ड और बड़ी संख्या में मनोरंजन नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर रेड सैंड बोआ प्रजाति के सांपों की अवैध खरीद-फरोख्त करता था। वह इन सांपों को चमत्कारी, दुर्लभ और औषधीय गुणों से भरपूर बताकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देता था। इसी बहाने वह लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लेता था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहचान छिपाने के लिए वह अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था और इसके लिए उसने फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखे थे। वह लोगों को प्रभावित करने के लिए अपने बैग में असली नोटों के साथ मनोरंजन नोट और सफेद कागज की गड्डियां रखता था। पहली नजर में देखने वालों को लगता था कि उसके पास करोड़ों रुपये की नकदी है। इसी झूठी हैसियत के दम पर वह लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि हाल ही में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक दोमुंहा सांप 15 लाख रुपये में बेचा था। सौदे में उसके दोनों साथियों ने पांच-पांच लाख रुपये ले लिए, जबकि खर्च काटने के बाद उसके हिस्से में बचे 4.94 लाख रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए। हालांकि जिस व्यक्ति को सांप बेचा गया, उसके बारे में आरोपी ने कोई जानकारी होने से इनकार किया है।
बरामद दोनों सांप रेड सैंड बोआ प्रजाति के हैं, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित है। पुलिस का मानना है कि मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वन्यजीव तस्करी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और संगठित ठगी का बड़ा नेटवर्क भी शामिल हो सकता है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना कुतुबशेर में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब उसके फरार साथियों और पूरे गिरोह की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।

