हरियाणा में पावर सेक्टर को मिलेगी नई मजबूती, ₹912.70 करोड़ के और प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी

CM Nayab Saini

हरियाणा : हरियाणा सरकार ने पावर सेक्टर में सुधारों को नई तेज़ी देते हुए राज्य के पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को और मज़बूत करने का फ़ैसला किया है। इसी कड़ी में, चीफ़ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता वाली डिस्ट्रीब्यूशन रिफ़ॉर्म्स कमेटी (DRC) ने रिवाइज़्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत ₹912.70 करोड़ के और पावर इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है। इस फ़ैसले को राज्य में पावर सप्लाई की क्वालिटी सुधारने और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मॉडर्न बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

मीटिंग में कमेटी ने इस प्रस्ताव को आगे की मंज़ूरी के लिए पावर फ़ाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को भेजने की भी मंज़ूरी दे दी। मंज़ूरी मिलने के बाद इन प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम शुरू किया जाएगा, जिससे राज्य भर के लाखों कंज्यूमर्स को बेहतर बिजली सेवाओं का फ़ायदा मिलेगा।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, नए प्रोजेक्ट्स के तहत पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा। पुराने और खराब हो चुके पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, ट्रांसफॉर्मर की कैपेसिटी बढ़ाने, पावर लाइनों को अपग्रेड करने और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। इससे पावर सप्लाई में रुकावट कम करने और टेक्निकल लॉस को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हरियाणा की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को देश की सबसे अच्छा काम करने वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों में गिना जा रहा है। पिछले कुछ सालों में, राज्य ने पावर लाइन लॉस में काफी कमी दर्ज की है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी बड़े सुधार किए हैं। बेहतर मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजिकल सुधारों की वजह से पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पहले से ज्यादा असरदार हो गया है।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि RDSS के तहत ये इन्वेस्टमेंट भविष्य में बढ़ती बिजली की डिमांड को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में कंज्यूमर्स को ज्यादा भरोसेमंद और बिना रुकावट पावर सप्लाई सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

हरियाणा सरकार एनर्जी सेक्टर में सुधारों पर लगातार जोर दे रही है। राज्य का लक्ष्य बिजली डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को पूरी तरह से मॉडर्न, ट्रांसपेरेंट और कंज्यूमर-सेंट्रिक बनाना है। ₹912.70 करोड़ के इन नए प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी मिलना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे आने वाले सालों में हरियाणा का एनर्जी सिस्टम और मज़बूत होगा।

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