सहारनपुर : सहारनपुर की बेहट तहसील में यमुना नदी से गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है। माइनिंग इंस्पेक्टर अभिलाष चौबे की शिकायत पर पुलिस ने हरियाणा के नौ स्टोन क्रशर ऑपरेटरों और कई अज्ञात ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल लोगों में दहशत फैल गई है।
बता दें कि बेहट इलाके के असलमपुर बरथा और रसूलपुर उर्फ रसूली गांवों के बीच यमुना नदी के किनारे बड़े पैमाने पर पत्थर (RBM) की गैर-कानूनी खुदाई हो रही थी। माइनिंग माफिया ने औसतन दो मीटर की गहराई तक करीब 43,645 स्क्वायर मीटर में माइनिंग करके स्टोन क्रशर में स्टॉक कर लिया था। माइनिंग माफिया ने यमुना नदी से करीब 87,306 क्यूबिक मीटर मिनरल निकाला था।
माइनिंग डिपार्टमेंट की इस कार्रवाई और खुदाई से मिले सबूतों से यह पक्का होता है कि गैर-कानूनी माइनिंग बड़े पैमाने पर और ऑर्गनाइज़्ड तरीके से की जा रही थी। माइनिंग इंस्पेक्टर अभिलाष दुबे की जांच में गैर-कानूनी माइनिंग का खुलासा होने के बाद माइनिंग डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर बेहट थाना पुलिस ने नौ माइनिंग माफिया के खिलाफ केस दर्ज कर डिपार्टमेंटल जांच शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि केस में नामजद ज़्यादातर माइनिंग माफिया हरियाणा के रहने वाले हैं, जो उत्तर प्रदेश में घुसकर यमुना नदी में गैर-कानूनी माइनिंग कर रहे थे। केस में नामजद स्टोन क्रशर यूनिट में सूर्या स्टोन क्रशर, DM स्टोन क्रशर, गंगा स्टोन क्रशर, महादेव स्टोन क्रशर, हिंदुस्तान स्टोन क्रशर, गुडविल स्टोन क्रशर, सरवारा स्टोन क्रशर, PTC (संधू) स्टोन क्रशर और कमलेश प्लांट शामिल हैं। इसके अलावा, माइनिंग में इस्तेमाल होने वाले डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और दूसरी गाड़ियों के अनजान ड्राइवरों और मालिकों को भी आरोपी बनाया गया है।
माइनिंग ऑफिसर सुभाष सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश माइनिंग ज़ोन से हरियाणा जाने वाली कच्ची सड़क का इस्तेमाल गैर-कानूनी मिनरल ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा रहा था। मौके पर भारी गाड़ियों की आवाजाही के साफ सबूत मिले, जिससे पता चलता है कि यह गैर-कानूनी काम लंबे समय से चल रहा था।
पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC), पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वाले कानून और माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। CO बेहट SN वैभव पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने कहा कि गैर-कानूनी माइनिंग को पूरी तरह से रोकने का अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे यमुना नदी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी।

