सहारनपुर : सहारनपुर में एक मंदिर के पुजारी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत दर्ज केस को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार सुबह शहर से लेकर देहात तक कई मंदिरों ने नमाज के बाद अपने दरवाजे बंद कर दिए। विरोध में मंदिरों के बाहर नोटिस बोर्ड लगा दिए गए हैं। ब्राह्मण और राजपूत समाज के लोग खुलकर विरोध में शामिल हो गए हैं और इसे पुजारी के खिलाफ गलत कार्रवाई बता रहे हैं।
ब्राह्मण समाज के लोगों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में यह पहली बार है जब किसी घटना के विरोध में इतने बड़े पैमाने पर मंदिर बंद किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक पुजारी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज के सम्मान और सुरक्षा का मामला बन गया है।
ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि देहाती थाना क्षेत्र में स्थित एक मंदिर के 65 साल के पुजारी विजय तिवारी के खिलाफ दर्ज केस जमीन के झगड़े से जुड़ा है, और अब इसे तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि मंदिर के पास ज़मीन पर कब्ज़े को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, और अब इस विवाद को जातिगत तनाव में बदलने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन के दबाव में पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक बुज़ुर्ग पुजारी को बिना पूरी जांच के आरोपी बनाया गया, जिससे समुदाय में बहुत गुस्सा है।
ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में ब्राह्मण उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं, और समुदाय अब इसे करो या मरो की लड़ाई के रूप में देख रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, जबकि ब्राह्मण समुदाय के नाम पर राजनीति करने वाले MLA और मंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
इसके विरोध में सहारनपुर में सुबह 11 बजे से एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पुजारी पर कथित हमले और दर्ज किए गए केस के विरोध में ब्राह्मण समुदाय ने सहारनपुर SSP ऑफिस का घेराव करने का ऐलान किया है।
प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शहर और ग्रामीण इलाकों में और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस सुपरिटेंडेंट (सिटी) व्योम बिंदल ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

