सहारनपुर : शामली जिले के जसाला गांव में युवक मोनू कश्यप की मौत ने अब पॉलिटिकल मोड़ ले लिया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की MP इकरा हसन के खिलाफ सड़क जाम करने और धरना देने के आरोप में केस दर्ज होने के बाद राज्य की पॉलिटिकल सियासत गरमा गई है। इस केस में MP के साथ छह और लोगों को नामजद किया गया है, और 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
19 मई को MP इकरा हसन, शामली के जसाला गांव के रहने वाले मोनू कश्यप की मां के साथ सहारनपुर रेंज के DIG अभिषेक सिंह से मिलने गईं। परिवार लगातार हत्या का आरोप लगा रहा है और मोनू कश्यप की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। MP ने पीड़ित परिवार के सपोर्ट में अधिकारियों से भी मुलाकात की। DIG के ऑफिस में बातचीत के दौरान मृतक की मां इमोशनल हो गईं।
MP इकरा हसन का आरोप है कि अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिससे पीड़ित परिवार निराश होकर चला गया। MP ने अपनी नाराज़गी भी ज़ाहिर की। इस बीच, बड़ी संख्या में उनके समर्थक DIG के ऑफ़िस के बाहर जमा हो गए। सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस व्योम बिंदल ने बताया कि समर्थकों की भीड़ ने सड़क पर ट्रैफ़िक रोक दिया, जिससे ट्रैफ़िक जाम हो गया।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर MP इकरा हसन को हिरासत में लिया और महिला थाने भेज दिया। हालाँकि, उन्हें करीब दस मिनट बाद छोड़ दिया गया। कई समर्थकों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया गया। इसके विरोध में MP इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ थाना सदर बाज़ार पहुँचीं और धरना दिया। कई घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे लगाए गए। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
अब इस मामले में FIR जारी होने से राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। SP सिटी ने बताया कि इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज केस में MP इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल को नामजद किया गया है। पुलिस ने 20 से 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
क्या है मोनू कश्यप केस?
जसाला गांव के रहने वाले मोनू कश्यप की लाश 21 अप्रैल को पंजोखरा इलाके में रेलवे लाइन के पास मिली थी। परिवार को शुरू से ही हत्या का शक था। पुलिस जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दोनों ने मोनू कश्यप को पार्टी में बुलाया, शराब पिलाई और फिर ट्रेन के आगे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। यह झगड़ा एक लड़की से हुई बातचीत को लेकर हुआ था।
मृतक के परिवार का कहना है कि जांच में कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इसी वजह से MP इकरा हसन ने पीड़ित परिवार की तरफ से अधिकारियों से संपर्क किया। अब MP के खिलाफ केस दर्ज होने से मामला और भी सेंसिटिव हो गया है।
पुलिस अभी पूरी घटना की जांच कर रही है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे विपक्ष को दबाने की कोशिश बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।

