बुलंदशहर : कुख्यात बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस केस का मुख्य आरोपी जीतू सैनी गुरुवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। यह एनकाउंटर सिकंदरपुर गांव के पास हुआ, जहां पुलिस और आरोपियों के बीच भारी फायरिंग हुई। गंभीर रूप से घायल जीतू सैनी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि 25 अप्रैल की रात खुर्जा के सुभाष मार्ग पर एक जिम में बर्थडे पार्टी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। हमले में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह सूचना मिलने पर टीम सिकंदरपुर गांव पहुंची, जहां जीतू सैनी छिपा हुआ था। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें जीतू सैनी को दो गोलियां लगीं। SWAT टीम के इंचार्ज मोहम्मद असलम और कांस्टेबल मोहित मलिक भी एनकाउंटर में घायल हो गए। दोनों को जटिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों—रिंकू सैनी उर्फ रिंकेश और भरत सैनी—को शूटआउट के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, जब उन्हें मुंडाखेड़ा नहर के पास CCTV फुटेज रिकवर करने के लिए ले जाया जा रहा था, तो उन्होंने छिपे हुए हथियार निकालकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक अवैध पिस्टल, एक रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस और एक CCTV DVR बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्या में शामिल सभी आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और जेल जा चुके हैं। पुलिस अभी बाकी फरार आरोपियों—रवि सैनी, मनीष, अनुज, सौरभ उर्फ सिंटू और सोनू की तलाश कर रही है। दिल्ली-NCR, मेरठ और हरियाणा में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पेशल टीमें बनाकर अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
इसके अलावा, आरोपियों के परिवार वालों और उनके संपर्क में रहने वालों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ आरोपी जिम से जुड़े थे और दूसरे राज्यों में एक्टिव थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खत्म करने में लगी हुई है। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है।

