लखनऊ : पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर के एक प्रसिद्ध प्रगतिशील लेखक और कवि नरेश सक्सेना को लखनऊ में खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले साइबर डकैती संचालकों ने छह घंटे तक उनके कमरे में डिजिटल गिरफ्तारी के तहत रखा। घोटालेबाजों का लक्ष्य बुजुर्ग लेखक को मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर धोखा देना था। पहले जालसाजों ने घंटों तक उनकी शायरी सुनी। इतना ही नहीं उनसे मिर्ज़ा ग़ालिब और फ़ैज़ के दोहे सुनाने के लिए भी कहा और उनकी कविताओं की बहुत प्रशंसा की। अच्छी खबर ये है…
