लखनऊ : संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश दोहरी नागरिकता मामले की सुनवाई के दौरान दिया। एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने लखनऊ MP/MLA कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर हाई कोर्ट में कार्रवाई की मांग की थी। इससे पहले याचिकाकर्ता ने MP/MLA कोर्ट में केस दायर किया था। मामले की सुनवाई करते हुए लखनऊ MP/MLA कोर्ट ने 28 जनवरी, 2026 को याचिकाकर्ता की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 12 फरवरी, 2026 को हाई कोर्ट में अपील की। 17 फरवरी को हाई कोर्ट ने शिशिर की याचिका स्वीकार कर ली।
पिटीशनर ने कोर्ट के सामने अपना केस पेश किया और मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली के एक पुलिस स्टेशन में उनकी ब्रिटिश नागरिकता को लेकर FIR दर्ज की जाए। MP/MLA कोर्ट का क्या फैसला था? जज ने लखनऊ MP/MLA कोर्ट में फाइल की गई पिटीशन को खारिज कर दिया। स्पेशल जज III (ACGM) आलोक वर्मा ने नागरिकता के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया।
पिटीशन फाइल होने के बाद आठ दिनों तक सुनवाई चली, जिसके बाद कोर्ट ने पिटीशन खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अभी तक हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है। इस कोर्ट को नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने का अधिकार नहीं है। पिटीशनर ने अपनी नागरिकता के बारे में कोई नया और ठोस सबूत नहीं दिया है। इसलिए पिटीशन खारिज की जाती है।

