सहारनपुर : जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स ने जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्टोन क्रशरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। जांच में एक स्टोन क्रशर पर हजारों घनमीटर उपखनिज का अवैध भंडारण पकड़ा गया, जबकि दूसरे स्टोन क्रशर पर सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ और निगरानी व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में स्टोन क्रशरों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) निलंबित करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।
खान निरीक्षक एवं खान अधिकारी की संयुक्त टीम ने 5 जून 2026 को बेहट तहसील के ग्राम बरथा कोरसी स्थित मैसर्स भारत स्टोन क्रशर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान भंडारण स्थल पर कुल 24,192 घनमीटर उपखनिज पाया गया, जबकि विभागीय पोर्टल के अनुसार परिवहन के लिए केवल 15,485 घनमीटर उपखनिज ही शेष होना चाहिए था। इस प्रकार 8,707 घनमीटर उपखनिज अवैध रूप से भंडारित पाया गया।
प्राथमिक जांच में इस अवैध भंडारण से राज्य सरकार को 88 लाख 58 हजार 720 रुपये के राजस्व की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित स्टोन क्रशर की अनुज्ञप्ति निलंबित कर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसी क्रम में टास्क फोर्स ने ग्राम बरथा कोरसी स्थित मैसर्स नटराज स्टोन क्रशर की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भंडारण स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे निर्धारित दिशा में नहीं लगाए गए थे, जिससे पूरे क्रशर परिसर, भंडारण स्थल और धर्मकांटे की निगरानी नहीं हो पा रही थी। टीम ने जब कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिकॉर्डिंग में पाया गया कि 4 जुलाई 2026 की रात कैमरों को जानबूझकर प्लास्टिक या किसी अन्य वस्तु से ढक दिया गया था, जबकि कई समयावधि में कैमरे बंद भी मिले। अधिकारियों ने इसे निगरानी व्यवस्था को प्रभावित करने और संभावित अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास माना।
इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित स्टोन क्रशर के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है। साथ ही उसकी अनुज्ञप्ति निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित टास्क फोर्स लगातार क्षेत्र में निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

