राजस्थान/उत्तराखंड : मंगलवार को उस वक्त मेहंदीपुर बाला जी धाम पुलिस में हड़कंप मच गया जब पास की एक धर्मशाला में देहरादून से आये चार श्रदालुओं के चार शव मिले हैं। आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक़ सभी शव एक ही परिवार के बताये जा रहे हैं। राजस्थान पुलिस घटना को सामूहिक आत्महत्या मान रही है। हालांकि पुलिस हर पहलु पर जांच कर रही है। चारों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक सनसनी फैला दी थी।
आपको बता दें कि उत्तराखंड के थाना रायपुर इलाके के बंगखाला चकतुनवाला निवासी 58 वर्षीय सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, उनकी पत्नी 55 वर्षीय कमलेश, 33 वर्षीय बेटा नितिन कुमार और 32 वर्षीय बेटी नीलम 11 जनवरी को देहरादून से ट्रेन से राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने गए थे। जहां चारों मेहंदीपुर स्थित रामकृष्ण धर्मशाला के कमरा नंबर 119 में ठहरे थे। मकर संक्रांति के दिन मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे सभी ने बाला जी धाम में दर्शन किये थे। इसके बाद पूरा परिवार धर्मशाला में वापस लौट आया।
सुरेंद्र कुमार का परिवार देहरादून में रहता था,
परिवार के चार सदस्य मेहंदीपुर बालाजी के
दर्शन करने गए थे, चारों के शव धर्मशाला में मिले।
मंगलवार को ही 14 जनवरी की शाम एक कर्मचारी कमरे में सफाई करने गया था। उसने देखा कि कमरे में दो लोग बिस्तर पर और दो फर्श पर बेहोश पड़े थे। सफाई कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना रामकृष्ण धर्मशाला के प्रबंधकों को दी। धर्मशाला प्रबंधकों ने घटना की सूचना राजस्थान पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टरों को बुलाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक परिवार के कुछ सदस्यों के मुंह से झाग निकल रहा था। राजस्थान पुलिस इसे प्रथम दृष्टया सामूहिक आत्महत्या मान रही है।
पिता-पुत्र आयुध निर्माणी में काम करते थे। मृतकों में दंपती, बेटा और शादीशुदा बेटी शामिल हैं। चारों के शव मेहंदीपुर की धर्मशाला के एक कमरे में मिले। घटना की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार सुरेंद्र के परिवार के चारों सदस्य मंगलवार सुबह यानी मकर संक्रांति पर बालाजी महाराज के दर्शन करने गए थे। बालाजी के दर्शन कर वे सुबह 8 बजे धर्मशाला लौटे थे।
देहरादून एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि सुरेंद्र कुमार उपाध्याय आयुध निर्माणी में ड्राइवर थे। उनका बेटा नितिन भी आयुध निर्माणी का कर्मचारी था। राजस्थान पुलिस से सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस को उनके बंगखाला चकतुनवाला स्थित आवास पर भेजा गया। लेकिन घर पर ताला लगा था। साथ ही परिजनों की तलाश की गई तो पता चला कि सुरेंद्र कुमार का भाई महेंद्र कुमार मोहकमपुर में रहता है। उसे भी घटना की जानकारी दी गई। सूचना के बाद वह भी राजस्थान के लिए रवाना हो गए हैं। हम राजस्थान पुलिस के संपर्क में हैं। फिलहाल इस घटना की जांच चल रही है।
कमलेश के भतीजे सुशील ने बताया कि कमलेश बुआजी ने घर पर गाय पाल रखी है। मेरे पिता कैलाशचंद ने मंगलवार सुबह 7 बजे बुआ कमलेश और चाचा सुरेंद्र से गाय और घर की देखभाल करने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने गाय और घर की देखभाल करने को कहा था। शाम करीब 7 बजे पिता कैलाशचंद ने फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। इस दौरान पुलिस ने देर शाम धर्मशाला में उनका शव मिलने की सूचना दी थी। जिसके चलते सुशील, सुरेंद्र का छोटा भाई मुकेश और बड़े भाई का बेटा मेहंदीपुर बालाजी के लिए रवाना हो गए। RAJSTHAN
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