लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल चोरी का संगठित नेटवर्क एक बार फिर पुलिस के निशाने पर है। लखनऊ पुलिस ने हाल ही में ईंधन चोरी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पुलिस को चोरी के तरीके, सप्लाई चेन और पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
डीसीपी किरण यादव ने बताया कि पेट्रोलियम डिपो से पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने वाले टैंकर अपराधियों के सबसे आसान निशाने होते हैं। आरोपी सुनसान स्थानों पर टैंकर रोककर पाइप, मोटर और अन्य उपकरणों की मदद से पेट्रोल या डीजल निकाल लेते हैं। कई बार टैंकर की सील और लॉक के साथ इतनी सफाई से छेड़छाड़ की जाती है कि चोरी का पता तुरंत नहीं चल पाता। कुछ मामलों में अवैध रूप से पाइपलाइन से भी ईंधन निकालने की कोशिश की जाती है।
जिला पूर्ति अधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि अपराधी केवल ईंधन चोरी ही नहीं करते, बल्कि निकाले गए तेल की जगह कम कीमत वाले ज्वलनशील पदार्थ की मिलावट कर मात्रा भी पूरी कर देते हैं। इससे चोरी का पता देर से चलता है और मिलावटी ईंधन बाजार तक पहुंच जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में ईंधन चोरी और मिलावट से जुड़े चार मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के जरिए संचालित होता है। इसमें टैंकर चालक, खलासी, स्थानीय बिचौलिए, अवैध भंडारण करने वाले और चोरी का ईंधन खरीदने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। चोरी किया गया पेट्रोल और डीजल कम कीमत पर खुले बाजार में बेचा जाता है या अवैध गोदामों में जमा कर छोटे कारोबारियों और अन्य ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चोरी और मिलावटी ईंधन का सबसे बड़ा नुकसान आम वाहन मालिकों को होता है। इससे इंजन की क्षमता घटती है, माइलेज कम होती है और फ्यूल पंप, इंजेक्टर समेत कई महत्वपूर्ण पार्ट खराब हो सकते हैं।
पुलिस और सप्लाई विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजना नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट, उसके मास्टरमाइंड और अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचकर इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

