सहारनपुर : पंजाब के मोहाली में सामने आए कथित बम साजिश मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले तक पहुंच गई है। जांच के दौरान देवबंद क्षेत्र का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देवबंद क्षेत्र के बचीटी गांव निवासी मोहम्मद मोहतसीम को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार युवक वर्तमान ग्राम प्रधान का भाई है।
जानकारी के अनुसार, मोहाली के वाईपीएस चौक फेज-7 क्षेत्र से सुरक्षा एजेंसियों ने पहले तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था। उनके पास से विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, बैटरियां, तार और विस्फोटक उपकरण तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इस बरामदगी के बाद मोहाली में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्धों में शामिल मनी सिंह ने पूछताछ के दौरान देवबंद निवासी मोहम्मद मोहतसीम का नाम लिया। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले का दायरा बढ़ाते हुए सहारनपुर में भी जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मनी सिंह और मोहतसीम के बीच संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थापित हुआ था। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों के बीच नियमित संवाद के कुछ डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों की पहचान कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के माध्यम से कराई गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं संदिग्धों ने किसी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क को तकनीकी सहायता तो उपलब्ध नहीं कराई। जांच में व्हाट्सएप ओटीपी, डिजिटल संचार माध्यमों और ऑनलाइन गतिविधियों के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। फिलहाल एजेंसियों ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद पंजाब पुलिस की टीम देवबंद पहुंची और स्थानीय स्तर पर यूपी एटीएस के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान मोहम्मद मोहतसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं और संभावित नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हुई हैं।

