सहारनपुर : सोमवार को सहारनपुर में ब्राह्मण समुदाय, मंदिर के पुजारियों और ऊंची जाति के लोगों ने SSP ऑफिस घेर लिया और बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। मंदिर के पुजारी विजय शास्त्री पर SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामलों के विरोध में हुए इस विरोध प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूरे परिसर में “जय श्री राम” और “हनुमान जी महाराज की जय” के नारे गूंज रहे थे, जिससे गहरा धार्मिक और विरोध जैसा माहौल बन गया। इस दौरान जिले के 1,700 से ज्यादा मंदिरों के दरवाजे बंद रहे।

बता दें कि सोमवार सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों के अलग-अलग मंदिरों से पुजारी, धार्मिक नेता और समुदाय के लोग जुलूस के रूप में विरोध स्थल पर पहुंचे। कई प्रदर्शनकारियों ने भगवा स्कार्फ पहना हुआ था और माथे पर तिलक लगाया हुआ था। लोग धार्मिक झंडे, पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। वहां से गुस्साए पुजारियों का एक ग्रुप SSP ऑफिस पहुंचा। धीरे-धीरे भीड़ इतनी बढ़ गई कि SSP ऑफिस के बाहर का पूरा इलाका लोगों से भर गया, जिससे पुलिस प्रशासन को खास सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। विरोध स्थल पर लोग जमीन पर बैठ गए और एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। हजारों लोगों के एक साथ पाठ करने से माहौल धार्मिक हो गया। मंच से कई पुजारियों और धार्मिक नेताओं ने आरोप लगाया कि एक खास समुदाय के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और बेगुनाह लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि मंदिरों और पुजारियों की इज्जत खराब करने की कोशिश की जा रही है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग भी देखे गए। कई परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ विरोध स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति का समर्थन करने के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए है। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि अगर मामले झूठे पाए जाते हैं, तो शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। SSP ऑफिस के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को कंट्रोल किया गया और सुरक्षा के लिए कई थानों की फोर्स के साथ PAC के जवान मौके पर मौजूद थे। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान, समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुजारी विजय शास्त्री के खिलाफ दर्ज मामलों की हाई-लेवल और निष्पक्ष जांच की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समुदाय न्याय चाहता है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी बेगुनाह को अपराधी न बनाया जाए। प्रदर्शन का असर शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर भी पड़ा। SSP ऑफिस के आसपास की सड़कें काफी देर तक जाम रहीं, जिससे पैदल चलने वालों और गाड़ी चलाने वालों को परेशानी हुई। पुलिस अधिकारी गाड़ियों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट करते दिखे। मुख्य सड़कों पर कई घंटों तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। प्रदर्शन खत्म होने से पहले, समुदाय के लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को बढ़ाया जाएगा। स्पीकर्स ने कहा कि आगे की स्ट्रैटेजी तय करने के लिए आने वाले दिनों में मंदिर और कम्युनिटी के लोगों की एक मीटिंग होगी। अभी, पूरे मामले पर शहर में बातचीत चल रही है, और एडमिनिस्ट्रेशन भी हालात पर करीब से नज़र रखे हुए है।

