सहारनपुर : सहारनपुर में कांग्रेस सांसद Imran Masood ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, महंगाई, विदेश नीति और सांप्रदायिक मुद्दों पर तीखा हमला बोला। अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाकर धार्मिक और भावनात्मक विषयों की तरफ मोड़ रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और आने वाले तीन महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। मसूद ने दावा किया कि बेरोजगारी, पेपर लीक और ठेका भर्ती जैसी समस्याओं से युवा परेशान हैं, जबकि महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करने और दूसरे धर्मों की आस्था का सम्मान करने की अपील की है। इसी दौरान उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। इमरान मसूद ने मॉब लिंचिंग और मुसलमानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हम अपने भाइयों की आस्था का सम्मान करेंगे, लेकिन गाय के नाम पर मुसलमानों को सड़क पर रोककर पीटा जाता है। इसी नाम पर लोगों की लिंचिंग हो रही है और मुकदमे लिखे जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर धर्म और हर समाज के साथ खड़ी रहने वाली पार्टी है और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय होने पर पार्टी उसका समर्थन करेगी।
विदेश नीति पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बना ली है और अमेरिका के प्रभाव में फैसले किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि सस्ते तेल के विकल्प मौजूद होने के बावजूद देश उसका फायदा नहीं उठा पा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर इमरान मसूद ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए मेहनत की थी और अब कार्यकर्ताओं का कर्ज उतारने का समय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई “नफरत बनाम मोहब्बत” की है और पार्टी Rahul Gandhi के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मसूद की प्रेस कॉन्फ्रेंस से तीन बड़े संदेश सामने आए। पहला, कांग्रेस 2027 के चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी और तेल कीमतों जैसे आर्थिक मुद्दों को केंद्र में रखना चाहती है। दूसरा, गाय और मुस्लिम समुदाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई। तीसरा, परिवार को चुनावी राजनीति से दूर रखने की घोषणा के जरिए कार्यकर्ताओं को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया गया।

