सहारनपुर : सहारनपुर में ग्राम विकास अधिकारी के घर विजिलेंस टीम ने छापेमारी की है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्राम विकास अधिकारी संजय वालिया के घर मे मेरठ से आई विजिलेंस की टीम लेनदेन के दस्तावेजों के साथ बैंक डिटेल्स खंगाल रही है। सुबह से टीम संजय वालिया के परिजनों से पूछताछ भी कर रही है। विजिलेंस की यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब ग्राम विकास अधिकारी रिश्वत लेने के आरोप में जेल में बंद है। 14 नवंबर 2025 को थाना गागलहेड़ी इलाके में एंटी करप्शन टीम ने ठेकेदार से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आपको बटा दें कि हकीकत नगर की साकेत कॉलोनी निवासी संजय वालिया थाना गागलहेड़ी इलाके में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए थे। 2023 में परागपुर गांव निवासी ठेकेदार अरविंद कुमार ने गांव परागपुर में आंगनबाड़ी केंद्र और ढाला में फूडग्रैंन शॉप का निर्माण किया था। निर्माण कार्यों का बकाया भुगतान के नाम पर ग्राम विकास अधिकारी संजय वालिया ने ठेकेदार से 20 हज़ार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम को की थी। एंटी करप्शन टीम ने पीड़ित की शिकायत पर संजय वालिया को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद जांच हुई तो संजय वालिया के पास आय से अधिक संपत्ति होने की जानकारी हुई तो संजय वालिया पर शिकंजा कसता चला गया।
मंगलवार को सुबह मेरठ से आई विजिलेंस की टीम सहारनपुर पहुंची और थाना सदर बाजार इलाके की साकेत कॉलोनी में संजय वालिया के आवास पहुंची। जहां भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जांच शुरू कर दी। विजिलेंस की टीम घर में रखे दस्तावेजों समेत बैंक खातों की जांच की जा रही है। एंटी-करप्शन टीम की जांच में सामने आया कि बकाया भुगतान करने के नाम पर VDO संजय वालिया 15 प्रतिशत कमीशन लेता था।
परागपुर में एक कॉन्ट्रैक्टर से तय परसेंट से ज़्यादा पैसे मांगे गए। जब उसने कमिशन देने से मना किया तो संजय वालिया ने उसका पेमेंट रोक दिया था। विजिलेंस टीम अनुसार संजय वालिया पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप हैं। आय से ज़्यादा संपत्ति की जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत से कमाए गए पैसे कहां और कैसे खर्च किये हैं? संजय वालिया प्रॉपर्टी का काम भी करता था जिसके चलते उसके प्रॉपर्टी दफ्तर पर विजिलेंस टीम जांच कर रही है। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

