उत्तर प्रदेश में खेती के उपकरणों पर सब्सिडी पाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन बुकिंग आज से शुरू; 10 अगस्त तक करें अप्लाई

CM Yogi distributed schemes worth Rs 1500 crore

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में किसानों को मॉडर्न खेती की तरफ बढ़ते हुए काफी राहत मिल रही है। राज्य सरकार ने अलग-अलग स्कीम के तहत खेती के उपकरणों पर सब्सिडी पाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रोसेस शुरू किया है। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, किसान 16 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से 10 अगस्त 2026 को रात 12 बजे तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। यह पूरा प्रोसेस एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के ऑफिशियल पोर्टल के जरिए ब्लॉक-वाइज किया जाएगा।

बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जाएगी

एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने बताया कि जो किसान इंटरेस्टेड हैं, वे डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट के “Farmers Corner” सेक्शन में मौजूद “Equipment Booking Starts” लिंक के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। डिपार्टमेंट का मकसद किसानों को मॉडर्न खेती के उपकरण देकर खेती को ज्यादा फायदेमंद, सस्ता और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाना है।

इन स्कीम के तहत मिलेगी सब्सिडी

किसानों को एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की अलग-अलग स्कीम के तहत अलग-अलग एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट पर सब्सिडी का फायदा मिलेगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर और मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर बनाने में मदद दी जाएगी। अलग-अलग एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट खरीदने पर भी सब्सिडी मिलेगी।

क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट स्कीम के तहत, ₹30 लाख तक के प्रोजेक्ट कॉस्ट वाले कस्टम हायरिंग सेंटर और ₹100 लाख तक के प्रोजेक्ट कॉस्ट वाले FPO को फायदे दिए जाएंगे, साथ ही क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट से जुड़े एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट भी मिलेंगे। एक्सेलरेटेड मक्का डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत, बेड प्लांटर, पॉपिंग मशीन और मक्का शेलर जैसे इक्विपमेंट के लिए मदद दी जाएगी। नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के तहत बाजरा थ्रेशर के लिए सब्सिडी मिलेगी।

इसके अलावा, पेस्ट एंड डिज़ीज़ कंट्रोल स्कीम के तहत मैनुअल, पावर-ड्रिवन और बैटरी से चलने वाले स्प्रेयर, क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन प्रोग्राम (CDP) के तहत अलग-अलग खेती के इक्विपमेंट और पल्स मिशन स्कीम के तहत दाल मिलों के लिए सब्सिडी दी जाएगी।

FPO और गन्ना हार्वेस्टर भी शामिल

डिपार्टमेंट ने बताया कि ₹100 लाख तक के प्रोजेक्ट के लिए FPO और ट्रैक पर लगने वाले गन्ना हार्वेस्टर की बुकिंग भी ऑनलाइन पोर्टल से की जाएगी। इससे किसान प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन को मॉडर्न मशीनरी का फ़ायदा मिल सकेगा।

पूरा प्रोसेस सरकारी ऑर्डर के हिसाब से होगा

एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने साफ़ किया है कि खेती के इक्विपमेंट की बुकिंग और ग्रांट बांटने का पूरा प्रोसेस सरकारी ऑर्डर नंबर 36/2026/676/1918166/12-2099/119/2025, तारीख 4 जून, 2026 के नियमों के हिसाब से होगा। स्कीम से जुड़ी पूरी गाइडलाइंस डिपार्टमेंट के पोर्टल पर मौजूद हैं।

किसानों से समय पर अप्लाई करने की अपील

एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने किसानों से डेडलाइन का इंतज़ार किए बिना समय पर ऑनलाइन अप्लाई करने की अपील की है। किसी भी टेक्निकल या दूसरी जानकारी के लिए, किसान अपने ज़िले में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िस से संपर्क कर सकते हैं।

ज़रूरी तारीखें:

ऑनलाइन बुकिंग शुरू: 16 जुलाई, 2026, दोपहर 12:00 बजे
आखिरी तारीख: 10 अगस्त, 2026, दोपहर 12:00 बजे
आवेदन का तरीका: एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट का ऑफ़िशियल ऑनलाइन पोर्टल

सरकार का मानना ​​है कि मॉडर्न एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट के इस्तेमाल से खेती की लागत कम होगी, प्रोडक्शन बढ़ेगा और किसानों की इनकम बढ़ेगी। इसलिए, यह स्कीम राज्य के किसानों के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनाने का एक अहम मौका साबित हो सकती है।

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