कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने कौशल विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर की। इसके बाद उन्होंने विभाग की विशेष पुस्तिका ‘कौशलम’ का विमोचन किया तथा कौशल विकास मिशन की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 11 प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं की सफलता को प्रदेश के कौशल विकास अभियान की उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे युवा आने वाले भारत की नई पहचान हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ विजन को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने वाले मॉडल के लिए भी पूरे देश में मिसाल बन चुका है।
उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से करीब 12.50 लाख युवाओं को रोजगार मिला। वहीं वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश की लगभग 94 लाख MSME इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे उद्योगों में रोजगार मिल सके।
सरकार ने कौशल विकास विभाग का बजट बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं टाटा समूह के साथ हुए 7,000 करोड़ रुपये के CSR समझौते के तहत प्रदेश के 225 राजकीय आईटीआई को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है। इन संस्थानों में अब युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रिक व्हीकल, 3D प्रिंटिंग, एडवांस सीएनसी, ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘ब्लू डॉट’ सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर युवा अपना बायोडाटा अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर विभिन्न कंपनियां सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगी। इसके अलावा कौशल दिशा पोर्टल, कौशल दर्पण, कौशल दृष्टि, कौशल कॉल सेंटर और 24 घंटे संचालित ‘कौशल दोस्त’ चैटबॉट जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भी युवाओं को रोजगार संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है।
सरकार आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और डिजिटल इकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। साथ ही प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को स्किल ट्रेनिंग और जीरो पॉवर्टी योजना के माध्यम से गरीब परिवारों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने का अभियान भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य केवल युवाओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल देना है जिससे वे स्वयं रोजगार सृजित करें और दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनें। उन्होंने कहा कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार के बल पर उत्तर प्रदेश आने वाले समय में देश की सबसे बड़ी स्किल कैपिटल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

