उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका, राहुल गांधी के कार्यक्रम की परमिशन रद्द; नई जगह की तलाश शुरू

Rahul Said Don't Consider Us Weak

देहरादून : उत्तराखंड में कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति कार्यक्रम से ठीक तीन दिन पहले रद्द कर दी गई। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन प्रशासन के फैसले के बाद अब पार्टी के सामने नए आयोजन स्थल की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 8 जुलाई को परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। नगर निगम और जिला प्रशासन ने प्रारंभिक मंजूरी भी दे दी थी। अनुमति मिलने के बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दीं। छात्रों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किए गए, पोस्टर-बैनर छपवाए गए और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई थीं।

कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम के लिए करीब ढाई लाख छात्रों और युवाओं ने पंजीकरण कराया है। पार्टी ने परेड ग्राउंड की बुकिंग फीस भी जमा कर दी थी और तय कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई को टेंट व अन्य सामान लेकर वाहन भी स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, मौके पर प्रशासन ने टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी, जिससे कार्यक्रम की तैयारियां अचानक रुक गईं।

प्रशासन की ओर से अभी तक अनुमति रद्द किए जाने का कोई लिखित आदेश कांग्रेस को नहीं मिला है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उन्हें केवल मौखिक रूप से बताया गया है कि कुछ प्रशासनिक दिक्कतों के कारण कार्यक्रम परेड ग्राउंड में आयोजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब पहले अनुमति दे दी गई थी और पार्टी ने उसी आधार पर सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, तब अंतिम समय में फैसला बदलना कई सवाल खड़े करता है।

अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इतने कम समय में ऐसा वैकल्पिक स्थल तलाशा जाए, जहां बड़ी संख्या में आने वाले छात्रों और कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा सके। पार्टी के नेता लगातार नए स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं ताकि राहुल गांधी का कार्यक्रम तय तारीख पर आयोजित किया जा सके।

फिलहाल प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द करने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक लिखित स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस नया आयोजन स्थल तय कर पाती है या नहीं और 17 जुलाई को राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम किस स्थान पर आयोजित होगा।

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