कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है। रावतपुर थाना इलाके के विनायकपुर में एक होटल में छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें नौ लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। आरोप है कि गैंग होटल में आने वाले कपल्स की प्राइवेट एक्टिविटीज़ का चुपके से वीडियो रिकॉर्ड करता था, उन्हें वायरल करने की धमकी देता था और इसके बदले में मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस के मुताबिक, विनायकपुर के रिद्धि होटल में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की जॉइंट टीम ने होटल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन और मोबाइल चार्जर जैसा दिखने वाला एक कैमरा मिला।
जांच में पता चला कि आरोपी टेक्नोलॉजी में माहिर थे। उन्होंने होटल के कमरों में चार्जर के अंदर छिपे हुए कैमरे लगाए थे। इन कैमरों का इस्तेमाल होटल में ठहरने वाले कपल्स के प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लोगों को ब्लैकमेल किया। बदनामी के डर से कई लोगों ने आरोपियों को पैसे दिए।
होटल के चीफ मेडिकल ऑफिसर आशुतोष कुमार ने बताया कि होटल में लगातार गलत व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस को शक था कि विज़िटर्स की प्राइवेसी से समझौता किया जा रहा था। रेड के दौरान, एक कमरे से एक हिडन कैमरा मिला, जिसे शक से बचने के लिए मोबाइल चार्जर जैसा डिज़ाइन किया गया था।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि यह गैंग लंबे समय से यह रैकेट चला रहा था और कई लोग इसके शिकार हो चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि कितने लोगों का वीडियो बनाया गया और कितनों से ब्लैकमेल करके पैसे वसूले गए।
पुलिस ने होटल ऑपरेटर समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है और पूरी जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में और लोगों के शामिल होने का पता चलता है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने होटल और गेस्ट हाउस में लोगों की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि होटल में रहने के दौरान किसी भी संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या एक्टिविटी के प्रति तुरंत अलर्ट रहें और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस को बताएं।

