कानपुर देहात : जिले में खाकी वर्दी वालों का दबदबा इतना बढ़ गया है कि योगी की मंत्री की भी नहीं सुनी जा रही है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला गुरुवार को अकबरपुर कोतवाली के थाना प्रभारी के खिलाफ अपने कार्यकर्ताओं के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गईं। राज्य मंत्री के धरने पर बैठने की सूचना पर लखनऊ तक पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में एसपी अरविंद मिश्रा, डिप्टी एसपी राजेश पांडेय समेत कई अन्य अधिकारी मौके पर पहुँचे और राज्य मंत्री को समझाने का प्रयास किया। इस पर राज्य मंत्री ने कहा कि अकबरपुर कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह भाजपा कार्यकर्ताओं पर एससी एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। इसलिए जब तक थाना प्रभारी को नहीं हटाया जाता, उनका धरना जारी रहेगा।
प्रतिभा शुक्ला ने इस दौरान मीडिया से कहा कि मैं जानना चाहती हूं कि किसके दबाव में थाना प्रभारी ने कार्यकर्ता पर एससी एसटी का मुकदमा दर्ज किया है। यह प्रशासनिक मनमानी नहीं चलेगी। यह सपा सरकार नहीं, बल्कि योगी आदित्यनाथ की सरकार है। मामला बढ़ता देख थाने के बाहर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
बता दें कि बादलपुर पुलिस लाइन के पीछे सड़क निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इस निर्माण कार्य को स्थानीय पार्षद शमसाद खान ने रुकवा दिया था। सूचना मिलने पर राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला खुद मौके पर पहुंचीं और तुरंत निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाया और पार्षद को भी बातचीत के लिए बुलाया। इस दौरान मौके पर मौजूद हाजी अबरार और पार्षद के बीच कहासुनी हो गई।
मामला बिगड़ता देख राज्य मंत्री ने तुरंत चौकी प्रभारी को बुलाया और दोनों पक्षों को शांत कराया। हालांकि, चौकी प्रभारी ने मंत्री से कहा कि उन्हें कार्रवाई के लिए लिखित आदेश देना होगा। बाद में, ठेकेदार की तहरीर पर पुलिस ने पार्षद शमसाद के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को एक दलित महिला ने अकबरपुर थाने में प्रतिभा शुक्ला के पांच समर्थकों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके बाद गुस्साई मंत्री ने थाने का घेराव कर दिया और धरने पर बैठ गईं। खबर लिखे जाने तक राज्यमंत्री का धरना जारी था।