सहारनपुर : पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश ने यूपी-उत्तराखंड के साथ-साथ दिल्लीवासियों की धड़कनें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। एक हफ्ते से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण हरियाणा-यूपी सीमा पर बने हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया। जिसके चलते रविवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 1 लाख 28 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इस मानसून में पहली बार हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जिससे दिल्ली में यमुना के तटीय इलाकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुँचने में 48 घंटे लगते हैं। यह पानी दिल्ली और यमुना नदी के आसपास के निचले इलाकों में आफत बन सकता है। बारिश के कारण हथिनीकुंड में जमा होने वाला यह पानी यमुना नदी के किनारे वाले इलाकों में बाढ़ के रूप में किसानों की हजारों एकड़ फसल बर्बाद कर देता है।