सहारनपुर : UPSC परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। सहारनपुर के चार उम्मीदवारों ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की। नकुड़ तहसील के मच्छरहेड़ी गांव के रहने वाले विवेक सैनी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 276वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया। विवेक की चौथी कोशिश में इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों में जश्न का माहौल है। उनके घर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है और सभी को उनकी सफलता पर गर्व है।
विवेक सैनी मूल रूप से नकुड़ जिले के मच्छरहेड़ी गांव के रहने वाले हैं और उनका परिवार सहारनपुर के बापूजी नगर में रहता है। विवेक के पिता भोपाल सिंह सैनी LIC में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हैं, जबकि उनकी मां संगीता सैनी हाउसवाइफ हैं। विवेक के पिता भोपाल सैनी ने बताया कि विवेक की शुरुआती पढ़ाई सहारनपुर के सेंट मैरी स्कूल में हुई। सेंट मैरी स्कूल से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री ली। पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने लगभग एक साल तक IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) में काम किया। उन्होंने आगे बताया कि विवेक बचपन से ही पढ़ाई में टॉपर रहे हैं। उनका सपना एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में जाकर डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर बनना था।
विवेक सैनी ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही IAS ऑफिसर बनने का लक्ष्य बनाया था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने IGL की नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी फुल-टाइम शुरू कर दी। इस कोशिश में उनके माता-पिता और परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। लगातार कड़ी मेहनत और लगन के बाद, उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 276वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल करते हुए परीक्षा पास कर ली। विवेक सैनी के अनुसार, अपनी शुरुआती UPSC तैयारी के दौरान, उन्हें दिन में लगभग 10 से 12 घंटे पढ़ाई करनी पड़ती थी। हालांकि, अपने पहले प्रयास में असफल होने के बाद, उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका बदल दिया और लगभग पांच घंटे रेगुलर पढ़ाई और प्रैक्टिस करने लगे। विवेक का मानना है कि लगातार कोशिश और सही दिशा में कड़ी मेहनत ही सफलता की चाबी है।
विवेक सैनी अपनी सफलता का क्रेडिट अपने माता-पिता, टीचर और परिवार के सपोर्ट को देते हैं। विवेक के मुताबिक, अगर लक्ष्य साफ हो और कोई सच्ची लगन से ईमानदारी से काम करे, तो उसे सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं को मैसेज दिया कि रिजल्ट की चिंता करने के बजाय अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ विवेक को स्पोर्ट्स में भी दिलचस्पी है। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक रहा है और उनके पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली हैं।
विवेक सिंह सैनी का कहना है कि एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में रहते हुए वह समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए काम करना चाहते हैं। उनका पहला लक्ष्य खास तौर पर शिक्षा के क्षेत्र और गरीबों की भलाई के लिए काम करना है। उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे सहारनपुर जिले को गर्व और खुशी मिली है। विवेक का परिवार भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उनके छोटे भाई दिवांशु सैनी ने IIT कानपुर से स्टैटिस्टिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है। परिवार में हमेशा से पढ़ाई और मेहनत को महत्व दिया गया है, जिसका नतीजा यह हुआ है कि उन्हें यह सफलता मिली है।

