घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, अब आपको अगला सिलेंडर 21 की जगह 25 दिन में मिलेगा

The government has taken a major decision regarding domestic gas cylinders

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल फ्यूल सप्लाई चेन में रुकावटों के बीच, भारत सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को तुरंत प्रभाव से LPG प्रोडक्शन बढ़ाने और इसे घरेलू इस्तेमाल के लिए प्राथमिकता देने का आदेश जारी किया है।

मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला ग्लोबल क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई में अनिश्चितता को देखते हुए लिया गया है। सरकार की प्राथमिकता लगभग 330 मिलियन घरेलू गैस कनेक्शन होल्डर्स को बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करना है। रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रोडक्शन में किसी भी अतिरिक्त बढ़ोतरी को सीधे घरेलू डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों को भेजें।

गैस की कमी की अफवाहों और ब्लैक मार्केटिंग की संभावना को दूर करने के लिए, मंत्रालय ने बुकिंग सिस्टम में बदलाव किए हैं। घरेलू ग्राहकों को अब रिफिल बुकिंग के बीच 25 दिन का गैप रखना होगा। यह समय पहले कम था, लेकिन सरकार ने अब सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और सप्लाई का बराबर बंटवारा पक्का करने के लिए इसे बढ़ा दिया है।

इस बीच, भारत सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 को लागू करके पेट्रोलियम और नेचुरल गैस की सप्लाई को रेगुलेट करने का फैसला किया है। इंटरनेशनल मार्केट में बड़े उतार-चढ़ाव के बीच, इस कदम का मकसद पूरे देश में फ्यूल की बराबर उपलब्धता पक्का करना और जमाखोरी या सप्लाई में रुकावट को रोकना है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी।

संस्थाओं और इंडस्ट्रीज़ के लिए नई गाइडलाइंस
मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर के लिए साफ प्राथमिकताएं तय की हैं। इंपोर्टेड LPG की सप्लाई के लिए हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन जैसी जरूरी सेवाओं को टॉप प्राथमिकता मिलेगी। कमर्शियल सेक्टर और दूसरी इंडस्ट्रीज़ को सप्लाई की देखरेख के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (EDs) की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी सप्लाई की उपलब्धता और डिमांड का रिव्यू करने के बाद ही डिस्ट्रीब्यूशन पर फैसला करेगी।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि भारत की एनर्जी स्ट्रैटेजी फ्लेक्सिबल है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” पर जानकारी शेयर की कि भारत दूसरे सोर्स से एनर्जी इंपोर्ट कर रहा है, जिन पर अभी के युद्ध क्षेत्र का असर नहीं है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार नागरिकों के लिए एनर्जी की उपलब्धता पक्का करने के लिए हर मुमकिन “प्रोएक्टिव” कदम उठा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इन बड़े कदमों से न सिर्फ घरेलू कुकिंग गैस की उपलब्धता पक्की होगी, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय मार्केट में स्थिरता भी बनी रहेगी।

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