शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री दरबार साहिब को लेकर मिल रहे धमकी भरे ईमेल पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि “अब तक पांच ईमेल मिले हैं, जिनमें से तीन ईमेल आज ही मिले हैं। ये ईमेल न केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को भेजे गए हैं, बल्कि अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला को भी भेजे गए हैं।”
पांचवें ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने ऐसी हरकतें पर श्री दरबार साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को डराने और उनकी संख्या कम करने की साज़िश की संभावना जताई है। अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने सरकार से इस बात की पूरी जाँच करवाने की मांग की है। ये ईमेल किस सर्वर और आईपी एड्रेस से भेजे गए थे। सरकार के पास सभी तंत्र मौजूद हैं, अगर सरकार चाहे तो बहुत जल्द इसका खुलासा कर सकती है और आरोपियों का पता भी लगा सकती है।
अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि “इतिहास में भी सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पर हमले हुए हैं, लेकिन सिख समुदाय ने हमेशा अपनी आस्था और दशमांश से इसका निर्माण किया है। समस्त मानवता की आस्था के केंद्र सचखंड श्री दरबार साहिब पर समय-समय पर हमले हुए हैं और उसे नुकसान पहुँचाया गया है, चाहे वह मुगल काल रहा हो या ब्रिटिश काल। वर्ष 1984 में श्री अकाल तख्त साहिब और सचखंड श्री दरबार साहिब को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। गुरु के सिखों ने अपने पवित्र दशमांश से श्री दरबार साहिब या श्री अकाल तख्त साहिब की इमारतों का जीर्णोद्धार किया है।”
उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत में भी अगर ऐसी धमकियाँ मिलती हैं, तो यह गंभीर मामला है और सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब हमारी आस्था का केंद्र है – सरकार को सिर्फ़ देखते रहने की नहीं, बल्कि कार्रवाई करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी अपनी टास्क फ़ोर्स बढ़ा दी है और पूरी तरह सतर्क है।
अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने ज़ोर देकर कहा कि अगर किसी धार्मिक या संस्था से जुड़ा कोई व्यक्ति हंगामा करने की कोशिश करता है, तो सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। अगर वह व्यक्ति फ़र्ज़ी आईडी या उससे जुड़ी धमकियों के ज़रिए काम कर रहा है, तो पुलिस और साइबर एजेंसियों को तुरंत और गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई साज़िश भले ही न हो, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए।