
मुरादाबाद मंडल के रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद जिले की फोर्स भी मुस्तैद है। इसमें एएसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी तैनात हैं। इसके अलावा जिले के सभी थानों की फोर्स को अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है। एसपी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति बहाल करना है। रोजगार सामान्य हो जाए और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि फिलहाल जामा मस्जिद, नखासा तिराहा, हिंदूपुरा खेड़ा में फोर्स तैनात है। इसके अलावा शहर के प्रमुख स्थानों शंकर चौराहा, चंदौसी चौराहा, आर्य समाज रोड पर भी फोर्स तैनात की गई है। अधिकारी भ्रमण पर हैं।

दरअसल दंगा हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन दंगा प्रभावित इलाकों से दंगे का असर खत्म नहीं हुआ है। इसमें जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा क्षेत्र शामिल हैं। दंगे के बाद इन इलाकों के सैकड़ों लोग अपने घर छोड़कर चले गए थे। अधिकांश लोग अभी भी वापस नहीं लौटे हैं। इनमें से कुछ दंगे में शामिल थे तो कुछ एहतियात के तौर पर घर छोड़कर चले गए हैं।
24 नवंबर को हुए दंगे में घायल हुए दंगाई अपनी पहचान छिपाकर जिले से बाहर इलाज करा रहे हैं। पुलिस उन लोगों का इलाज करा रही है, जिन्हें पथराव के दौरान घायल होने के बाद पुलिस ने पकड़ लिया था। जबकि भागे हुए लोग छिपकर इलाज करा रहे हैं। संभल में दंगा 24 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ था। जब कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचे थे। इस दौरान हाफिजो वाली मस्जिद और मोहल्ला नाला से भीड़ जमा हो गई थी। जो बाद में डाकघर की तरफ भी पहुंच गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसमें पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट से दंगाइयों को खदेड़ा भी था।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। लाठीचार्ज के दौरान भी चोटें आई हैं। जो लोग घायल अवस्था में मौके से भाग गए, वे दूसरे जिलों या दिल्ली में इलाज करा रहे हैं। घायल हुए लोग पुलिस के सामने नहीं आना चाहते। ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें घायल लोग जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन घायलों की जानकारी सरकारी अस्पताल में दर्ज नहीं है। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक भीड़ की ओर से सिर्फ दो लोग घायल हुए हैं। जबकि 19 पुलिसकर्मियों के घायल होने का रिकॉर्ड दर्ज है। इससे साफ है कि जो लोग घायल हुए, वे अस्पताल नहीं पहुंचे और उन्होंने अपने स्तर पर ही गुपचुप तरीके से इलाज करा लिया।