
किसानों ने जबरन ट्रैक्टर कलेक्ट्रेट परिसर में घुसा दिया। गेट पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी खड़े थे। तभी दो चालक ट्रैक्टर को अंदर ले जाने के लिए रेस लगाने लगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारीयों ने ट्रेक्टरों को रोकने की कोशिश की लेकिन ट्रेक्टरों के आगे अधिकारी और पुलिस ज्यादा देर टिक नहीं पाए। जिसके चलते ट्रेक्टर अंदर घुस गए और वहां खड़ी एडीएम-ई डॉ.अर्चना द्विवेदी ट्रैक्टर से बाल-बाल बच गईं। जिसके बाद एडीएम प्रसासन अर्चना द्विवेदी ने लाठी बरसाना शुरू कर दिया। एडीएम ने लाठी लेकर ट्रेक्टर चालक पर लाठी बरसाई हैं। जिससे एडीएम-ई ने किसानों को जमकर डांटा। एडीएम-ई ने कहा कि आज हम किस समस्या की बात सुनें? आपके किसान हम पर ट्रैक्टर चढ़ा रहे हैं। ट्रैक्टर चालक कौन है, इसकी जानकारी दो। गेट किसने तोड़ा ?
उधर किसान मजदूर संगठन के जिला उपाध्यक्ष प्रिंस राणा ने पुलिस पर लाठीचार्जकरने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और अधिकारीयों ने हमारे साथ बदसलूकी की। यह प्रशासन की तानाशाही है। इस सरकार द्वारा किसानों को दबाने का काम किया जा रहा है। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, किसान यहां से नहीं जाएंगे। हमने कोई गेट नहीं तोड़ा, उन्होंने गेट बंद किया। यह झूठा आरोप है। वे हमारे ट्रैक्टरों के सामने खड़े हो गए और लाठियां चलाईं। क्या लोकतंत्र में लाठियां ही किसानों की पहचान हैं?

किसान अनाज उगाकर उन्हें देंगे और ये लोग मुफ्त अनाज बांटेंगे। मोदी बोरियों पर अपनी फोटो छपवाएंगे। किसान परेशान हैं, उनका दर्द कोई समझने वाला नहीं है। किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह ने कहा कि हमें नहीं पता कि गेट किसने तोड़ा। जब हम कलेक्ट्रेट पहुंचे तो हमें अंदर ले जाया गया। हमारा ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। उन्हें ऐसी कोई चोट नहीं है, जैसा बताया जा रहा है। वह हमारा सम्मान करती हैं, हम भी उनका सम्मान करते हैं।
वहीं एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक का कहना है कि किसानों को पहले ही बता दिया गया था कि वे पैदल आएंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। ट्रैक्टरों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट में ट्रैक्टर घुसाने का प्रयास किया है। एडीएम प्रशासन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया। वीडियोग्राफी और फोटो के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। Saharanpur