मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बड़ा दावा किया है कि उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने अपनी मर्जी से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन्हें जबरन हटाया गया क्योंकि वह गाँव, गरीब और किसान की बात करते थे।
राकेश टिकैत ने कहा कि उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि पूंजीपतियों की सरकार ने उन्हें इस्तीफा दिलवाया है। धनखड़ हमेशा गाँव, गरीब और किसान की बात करते थे। इस बार भी यही उम्मीद है कि बिहार के किसी व्यक्ति का यही हश्र होगा।
मंगलवार को अपने आवास पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा कि इस्तीफे से पहले कोई मेडिकल ग्राउंड सामने नहीं आया। धनखड़ गाँव की बात करते थे। यह सरकार पूंजीपतियों को बढ़ावा देती है। गाँव, गरीब और किसान की बात करने वाले सरकार में नहीं रह सकते। पूंजीपतियों ने राजनीतिक दल पर कब्जा करके व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। उपाध्यक्ष एक दल की बीमारी की चपेट में आ गए हैं। गाँव के लोग भी कह रहे हैं कि इस्तीफ़ा ले लिया गया है।
भाजपा की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि 50 साल तक की उम्र के जो लोग समझौते में होंगे या इस पार्टी में होंगे, उन्हें दुष्यंत चौटाला बनाया जाएगा। इससे ज़्यादा उम्र के लोगों को पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक और उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ बनाया जाएगा। इस बार ढोल किसी और के दरवाज़े पर बजेगा। Rakesh Tikait