आगरा : सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया। उनकी 10 दिन की रिमांड खत्म हो गई। सुनवाई के दौरान सभी आरोपी अपना चेहरा छिपाते नजर आए। सीजेएम ने 6 आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने गिरोह की मुखिया आयशा समेत 4 आरोपियों की कस्टडी रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने उनकी रिमांड 4 दिन बढ़ाने की मंजूरी दे दी। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान, गिरोह की मुखिया आयशा, आगरा के रहमान कुरैशी, पीयूष उर्फ मोहम्मद अली और शेखर राय उर्फ अली को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेंगी। माना जा रहा है कि इससे कई चौंकाने वाले राज सामने आ सकते हैं।
19 जुलाई को आगरा पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह के सभी 10 आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 10 दिन की रिमांड ली थी। इस अवधि की समाप्ति के बाद पुलिस कड़ी सुरक्षा में मंगलवार दोपहर गिरोह की सरगना आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शेखर राय उर्फ अली हसन, ओसामा, रहमान कुरैशी, अबू तालिब, अबू रहमान, पीयूष उर्फ मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा और रीत बानिक उर्फ इब्राहिम को लेकर कोर्ट पहुंची। अभियोजन अधिकारी ब्रजमोहन सिंह कुशवाहा ने बताया कि पुलिस ने आयशा, रहमान कुरैशी, पीयूष उर्फ मोहम्मद अली, शेखर राय उर्फ अली हसन की रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी थी।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने आरोपी आयशा और उसके साथी रहमान कुरैशी, पीयूष उर्फ मोहम्मद अली, शेखर राय उर्फ अली हसन की रिमांड चार दिन के लिए बढ़ा दी। पुलिस ने ओसामा, अबू तालिब, अबू रहमान, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा और रीत बानिक उर्फ इब्राहिम की रिमांड नहीं मांगी। इस पर कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को जेल भेज दिया। आगरा जेल में बंद धर्मांतरण गिरोह के आरोपियों की संख्या अब नौ हो गई है। आगरा पुलिस ने 12 से ज़्यादा लड़कियों को धर्मांतरण गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया है। आगरा पुलिस इनसे संपर्क में है।
आरोपियों से पूछताछ में पुलिस धर्मांतरण गिरोह को मिलने वाली फंडिंग के साथ-साथ आईएसआई से उसके संबंधों की भी जांच कर रही है। कस्टडी रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में आगरा पुलिस ने तमाम सबूत जुटाए हैं। धर्मांतरण गिरोह के हर सदस्य के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं। आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि आरोपियों के जेल जाने के साथ ही पुलिस की कार्रवाई खत्म नहीं हुई है। गिरोह से जुड़े सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कई राज्यों में डेरा डाले हुए हैं। अभी कई नाम सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। विदेशी फंडिंग के तार आरोपियों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। आयशा को दुबई और कनाडा से फंडिंग मिलती थी।
आगरा की दो सगी बहनें लापता हो गई थीं। वे आगरा से दिल्ली गईं। वहां से वे कोलकाता पहुँच गईं। परिवार की शिकायत पर पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। धर्मांतरण गिरोह ने सगी बहनों के रहने के लिए एक मुस्लिम कॉलोनी में मकान का इंतजाम किया था। आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने 19 जुलाई को कोलकाता से दोनों बहनों को धर्मांतरण गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया था। इस दौरान दोनों बहनें बुर्का पहने पाई गईं। पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह की मुखिया आयशा को गोवा से गिरफ्तार किया था, जबकि 9 अन्य आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया था।
धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद में छापा मारकर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने रोहतक की युवती और अन्य लड़कियों को अब्दुल रहमान के घर से मुक्त कराया था। इसके बाद आगरा पुलिस ने छापा मारकर अब्दुल रहमान के दो बेटों और चेले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर जेल भेज दिया। पुलिस अब तक धर्मांतरण गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब्दुल रहमान भी पुलिस रिमांड पर है। पुलिस ने उसे 22 जुलाई को अदालत में पेश किया। अदालत से पुलिस को 10 दिन की रिमांड मिली है। Agra Conversion Case