हिमाचल/सहारनपुर : हिमाचल में भगवान मणि महेश के दर्शन करने गए गंगोह के श्रद्धालुओं का एक जत्था चंबा जिले में भूस्खलन और बाढ़ में फंस गया। गंगोह के 10 और जगाधरी का एक श्रद्धालु तीर्थयात्रा पर गए थे। इस हादसे में मोहल्ला छत्ता निवासी सागर भटनागर की मौत हो गई। इसके बाद उनके तीन साथी लापता हो गए। गुरुवार शाम तीनों को सकुशल बरामद कर लिया गया। एक श्रद्धालु अभी भी लापता है। सभी श्रद्धालु भरमौर में सुरक्षित स्थान पर ठहरे हुए हैं। 20 अगस्त को सागर भटनागर के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का एक जत्था गंगोह से रवाना हुआ। इनमें शैंकी प्रजापति (29), भावेश कश्यप (28), उमंग गर्ग (26), राकेश भटनागर (22), अमन गर्ग (21) शामिल थे। अंबेहटा निवासी अमित भटनागर (20), राजू भटनागर (26), दिल्ली निवासी मोहित कश्यप (23) और गांव झाड़वान निवासी सनी चौधरी (27) भी जत्थे के साथ थे। जत्थे ने 15 किलोमीटर के छोटे रास्ते की बजाय 45 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग से यात्रा करने का फैसला किया।
इसी बीच रास्ते में श्रद्धालुओं पर भूस्खलन हुआ। बुधवार देर रात जत्थे में शामिल एक युवक ने किसी तरह अपने परिजनों को फोन पर हादसे की सूचना दी। उसने बताया कि छह लोग सुरक्षित हैं। आगे चल रहे सागर भटनागर पर अचानक एक पत्थर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। साथ ही, तीन साथियों शैंकी प्रजापति, अमित भटनागर और सनी चौधरी का भी कोई सुराग नहीं लगा है। इसके बाद उनका भी संपर्क टूट गया। इस दुखद समाचार से गंगोह में शोक की लहर दौड़ गई। सागर भटनागर के घर रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। गुरुवार सुबह लापता श्रद्धालुओं के परिजन तीन वाहनों में चंबा के लिए रवाना हुए। शाम करीब 5 बजे शैंकी प्रजापति के भाई पंकज प्रजापति ने बताया कि शैंकी और बाकी तीनों लापता युवक भरमौर में सकुशल मिल गए हैं। विकास भटनागर ने बताया कि उनके भाई सागर भटनागर, जो किराना व्यवसायी हैं, धार्मिक प्रवृत्ति के थे। वह दूसरी बार मणि महेश तीर्थ यात्रा पर गए थे। वह इलाके में एक प्रसिद्ध भजन गायक के रूप में जाने जाते थे। उनके परिवार में पत्नी और एक साल की बेटी है।
गंगोह के गांधीनगर गाँव निवासी संजय कश्यप (22), जो रसोइया का काम करते थे, अभी भी लापता हैं। वह जगाधरी से एक जत्थे के साथ मणि महेश तीर्थ यात्रा पर गए थे। चार दिन पहले अपनी आखिरी कॉल में उन्होंने अपने परिवार को बताया था कि यहाँ एक बड़ा पत्थर गिरा है, चारों तरफ पानी है, बचना मुश्किल लग रहा है। तब से परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है। सांसद इमरान मसूद, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महासचिव दीपांशु गोयल और उनके भाई वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर आकाश मणि गोयल इस पूरे मामले में लगातार सक्रिय रहे। सांसद इमरान मसूद ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर लापता श्रद्धालुओं की तलाश में मदद मांगी। आकाश मणि गोयल ने वायुसेना के माध्यम से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई। वहीं, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हिमाचल प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। वैष्णो देवी त्रासदी में सरसावा और महानगर के श्रद्धालु फंसे थे। सरसावा और आसपास के करीब 50 श्रद्धालु बुधवार दोपहर सकुशल घर लौट आए। महानगर के नुमाइश कैंप निवासी आयुष और ऋषभ भी बस से कटरा से रवाना हो गए हैं। वे भी गुरुवार देर रात तक सहारनपुर पहुंच जाएंगे। Landslide In Himachal