मुख्तार अब्बास नकवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति, इसके संस्कार, दुनिया की सबसे बड़ी संस्कृति का हिस्सा हैं। चाहे वह भगवद् गीता हो, रामायण हो या उससे जुड़े अन्य धार्मिक ग्रंथ, समाज के सभी वर्गों को इन्हें समझना, सीखना और पढ़ना चाहिए। रामपुर की एक चर्चित घटना के बारे में पूछे जाने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह बहुत पुराना विवाद है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के बहुत करीबी हैं और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं, इसे लेकर कोई बखेड़ा नहीं होना चाहिए, कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
एनसीईआरटी की किताबों से मुगलों का इतिहास मिटाने के मुद्दे पर पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि दशकों से विदेशी आक्रांताओं के क्रूर और आपराधिक कृत्यों का महिमामंडन करने के पाप को सुधारने की जरूरत है। एनसीईआरटी की किताबों में विदेशी आक्रांताओं के आपराधिक और क्रूर कृत्यों का विवरण है और हमें इससे मुक्ति मिलेगी।
मुगल प्रतीकों के विध्वंस के बारे में पूछे गए सवाल पर पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुगलों के प्रतीकों और उनके कार्यों में अंतर होता है, इसलिए कई ऐसी बातें हैं जिन्हें उस समय के हमारे दिखावटी वामपंथी इतिहासकारों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और महिमामंडित किया।