
वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते में स्थित अर्धकुंवारी गुफा मंदिर में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन हुआ। त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित मंदिर मार्ग का एक बड़ा हिस्सा मलबे से ढक गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है। सेना और प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा कर दी है। जम्मू में ओवरब्रिज ढह गए हैं, बिजली की लाइनें और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तीन पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यही वजह है कि मंगलवार को श्री माता वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन के बाद तीर्थयात्रा रोक दी गई है।
2014 के बाद मंगलवार को संभाग में फिर ऐसी जलप्रलय देखने को मिली है। पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण संभाग के लगभग सभी जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चारों ओर भारी नुकसान हुआ है। जम्मू संभाग की सभी प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रभावित इलाकों में सैकड़ों लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जम्मू से रामबन तक लगभग 12 स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद है। चक्की ब्रिज पठानकोट में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण जम्मू, उधमपुर, कटरा आने वाली 18 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। जम्मू से श्रीनगर जाने वाली दो उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं।

जम्मू के भगवतीनगर में तवी नदी पर बने पुल का एक हिस्सा ढहने से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। शहर में तवी के तीन पुलों पर भी दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई। पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल है। दूरसंचार सेवाएं बंद होने से लोग अपनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जम्मू-पठानकोट मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। किश्तवाड़ जिले में बड़ा द्रबशाला रतले पावर प्रोजेक्ट के पास बना लोहे का पुल चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बह गया। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पुल निर्माण को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर शटरिंग बह गई है। सांबा के विजयपुर में देविका पुल का एक हिस्सा ढहने से यातायात रुका हुआ है।
भारी बारिश के कारण कठुआ के बिलावर के बनी में रावी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के पास से 11 परिवारों को निकाला गया। यहां जलस्तर 1.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। उज्ज नदी में जलस्तर बढ़ने से निचले गाँवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। चिनाब, सेवा, तराना और रावी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सहार खड्ड और मग्गर खड्ड में बाढ़ की स्थिति है। उधमपुर में तवी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जम्मू में तवी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुज्जरनगर, गोरखानगर, राजीवनगर, निक्की तवी और गोल तवी इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जम्मू में बाढ़ से निपटने के उपायों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट बनाए रखने और सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अपने पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने लिखा, “मैं स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रखने के लिए अगली उपलब्ध उड़ान से श्रीनगर से जम्मू के लिए रवाना होऊँगा।”