हरिद्वार : कांवड़ मेला 2025 कल, शुक्रवार 11 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। कांवड़ यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना के साथ श्री गंगा सभा के पदाधिकारी और प्रशासन के अधिकारी 11 जुलाई को सुबह 10 बजे हर की पौड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे। इधर, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा समेत सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेले की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कांवड़ मेला क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 38 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है।
मेले की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 38 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। आज गुरु पूर्णिमा पर पुलिस ब्रीफिंग के बाद पुलिस बल तैनात किया जाएगा। मेले में आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए 2 विशेष त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए गए हैं। साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। कांवड़ मेले में हुड़दंगियों पर अंकुश लगाने के लिए बेसबॉल बैट, हॉकी और त्रिशूल जैसी नुकीली वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
2024 के कांवड़ मेले में 4.5 करोड़ से अधिक भोले भक्त कांवड़िये हरिद्वार आए थे। इस बार हरिद्वार कांवड़ मेले में 7 करोड़ से अधिक कांवड़ियों के आने की उम्मीद है। वर्ष 2023 में कांवड़ मेला क्षेत्र में 12 सुपर जोन, 32 जोन और 119 सेक्टर बनाए गए थे, जबकि 2024 में इनकी संख्या बढ़ा दी गई। पिछले वर्ष मेला क्षेत्र को 13 सुपर जोन, 33 जोन और 125 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। इस वर्ष, यानी कांवड़ मेला 2025 के लिए सुपर जोन 16, जोन 38 और सेक्टर 134 रखे गए हैं।
वर्ष 2024 में कांवड़ मेले में 2,444 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। कांवड़ मेला 2025 में यह संख्या पिछले वर्ष से अधिक होगी और 2,981 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएँगे। सुरक्षाकर्मियों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल शामिल हैं। इसके साथ ही, पीएसी की 15 कंपनियां, जल बचाव दल की 1 कंपनी और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 18 कंपनियां मेला क्षेत्र में तैनात हैं।
कांवड़ मेले में इस बार एक नई पहल शुरू की गई है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड प्रणाली शुरू की गई है। क्यूआर (क्विक रिस्पांस कोड) के ज़रिए कांवड़िये यातायात योजना और मेला क्षेत्र के नक्शे की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह क्यूआर कोड हरिद्वार और जिले में प्रवेश करने वाली सभी सीमाओं पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही, हरिद्वार से सटे जिलों में भी यह क्यूआर कोड उपलब्ध होगा। इससे कांवड़िये हरिद्वार में प्रवेश करने से पहले मेला रूट प्लान जान सकेंगे, जिससे जाम से निपटना आसान हो जाएगा। Kanwar Yatra 2025