नई दिल्ली : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने के लिए हाल ही में पेश किए गए विधेयक पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या राष्ट्रपति सचमुच प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर कर सकते हैं। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि संविधान में कहा गया है कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता से कार्य करेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित कानून राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री को हटाने का अधिकार देता है, जो मौजूदा कानून के विपरीत है।
ओवैसी ने कहा कि “हमारा संविधान कहता है कि भारत के राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता से कार्य करेंगे। यह अनुच्छेद संविधान में है। जबकि प्रस्तावित विधेयक कह रहा है कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को हटा सकते हैं। यह क्या है? यह स्पष्ट रूप से उस अनुच्छेद के विपरीत है।” उन्होंने आगे पूछा “क्या कोई राष्ट्रपति सचमुच प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर कर सकता है?” उन्होंने राज्य सरकारों की शक्तियों पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर केंद्र सरकार चार या पाँच राज्य मंत्रियों को गिरफ्तार करने का फैसला करती है, तो राज्य सरकार अपने आप गिर जाएगी। उन्होंने आगे कहा “आज़ादी कहाँ है? आप उन्हें नियंत्रित करेंगे… बस चार या पाँच मंत्रियों को गिरफ्तार कर लीजिए और सरकार गिर जाएगी।”
उन्होंने राज्य सरकारों की शक्तियों पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर केंद्र सरकार चार या पाँच राज्य मंत्रियों को गिरफ्तार करने का फैसला करती है, तो राज्य सरकार अपने आप गिर जाएगी। उन्होंने आगे कहा, “केंद्र शासित प्रदेशों में, पूरा गृह विभाग केंद्र सरकार के पास रहता है… फिर आज़ादी कहाँ है? आप उन्हें नियंत्रित करेंगे… बस चार या पाँच मंत्रियों को गिरफ्तार कर लीजिए और सरकार गिर जाएगी।”
आपको बता दें कि संयुक्त संसदीय समिति को भेजे गए इस विधेयक में उन प्रधानमंत्रियों या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है जो गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे हैं और लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहे हैं। सरकार 130वें संशोधन के ज़रिए कानून बनाने की कोशिश कर रही है। यह विधेयक गृह मंत्री अमित शाह ने पेश किया था। इस पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में विचार किया जाएगा। हालांकि, टीएमसी, सपा और आप ने अपने सांसदों को जेपीसी में नहीं भेजने का फैसला किया है।