सहारनपुर : सहारनपुर के बेहट तहसील इलाके में प्रशासन की सख्ती के बाद भी अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया दिन रात अवैध खनन का कारोबार खुलेआम कर रहे हैं। रात के अँधेरे में पोकलैंड मशीनों से यमुना नदी का सीना चीर कर अवैध खनन किया जा रहा है। वहीं विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है। निरीक्षण के दौरान 13 स्टोन क्रशर ऐसे मिले जो अलग-अलग गेटों से अवैध खनन का कारोबार कर रहे थे। हैरान करने वाली बात तो ये है कि स्टोन क्रशरों की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी भी बंद मिले। विभाग ने 13 स्टोन क्रशरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सभी क्रेशरों के ओटीपी भी बंद कर नोटिस भेजे गए हैं।
आपको बता दें कि सहारनपुर की तहसील बेहट इलाके का यमुना खादर खनन जोन के नाम से जाना जाता है। जहां से खनन विभाग के जरिये करोड़ो रूपये का राजस्व जमा होता है। लेकिन बेहट तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार खुलेआम चल रहा है। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सिर्फ दिखावे और राजस्व बढ़ाने के लिए है। हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई का अवैध खनन माफिया पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
खान अधिकारी से लेकर तमाम प्रशानिक अधिकारी अवैध खनन कारोबार पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अवैध खनन माफिया अधिकारियों की पहुंच से बाहर हैं। अगर विभागीय कार्रवाई की बात करें तो एक सप्ताह में अवैध खनन करने वाले पांच स्टोन क्रशरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें नेशनल, मां शाकुंभरी, रॉयल, श्री साईं और देवभूमि स्टोन क्रशर शामिल हैं। इन सभी पर 65 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इनमें से मां शाकुंभरी स्टोन क्रशर और रॉयल स्टोन क्रशर ने जुर्माना खनन विभाग में जमा करा दिया है। इसके अलावा बाकी ओटीपी बंद करा दिए गए हैं। इसके बाद भी अवैध खनन जारी है।