वाराणसी/संभल : नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आज अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की है। वहीं, वाराणसी में दायर एक याचिका पर भी सुनवाई हुई। यहाँ अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
यह मुकदमा हिंदू शक्ति दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने चंदौसी स्थित एडीजे द्वितीय आरती फौजदार की अदालत में दायर किया था। अदालत ने इस मामले में निचली अदालत से रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन वह नहीं मिल सका। इस वजह से सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने 26 सितंबर की तारीख दी। इससे पहले 7 मई, 16 जून, 18 जुलाई और 25 अगस्त को अलग-अलग कारणों से सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी। राहुल गांधी ने 15 जनवरी को दिल्ली कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा था कि ‘हमारी लड़ाई भाजपा और आरएसएस से नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से है।’ संभल की हिंदू नेता सिमरन गुप्ता ने इस बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया कि इससे देश भर के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है।
सिमरन का कहना है कि उन्होंने डीएम और एसपी संभल समेत कई जगहों पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 23 जनवरी को अदालत का दरवाजा खटखटाया। मीडिया से बात करते हुए सिमरन गुप्ता ने कहा कि ‘राहुल गांधी के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। वह सब पर आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन वह किसी से कम नहीं हैं। सच्चाई जनता के सामने आनी ही चाहिए।’ वहीं, राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर सैफी ने कहा कि अदालत ने निचली अदालत से रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण आज की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई की तारीख 4 सितंबर तय की गई है। यह याचिका वाराणसी के तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने दायर की थी। उन्होंने राहुल गांधी पर अपने अमेरिकी दौरे के दौरान सिखों को लेकर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया था। नागेश्वर मिश्रा ने साल 2024 में ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। 28 नवंबर 2024 को अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने एमपी एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।
नागेश्वर मिश्रा ने बताया कि राहुल गांधी साल 2024 में अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए 10 सितंबर को कहा था कि भारत में सिख समुदाय के बीच चिंता है कि उन्हें पगड़ी-कड़ा पहनने दिया जाएगा या नहीं, वे गुरुद्वारे जा पाएंगे या नहीं, यह चिंता सिर्फ सिखों की नहीं बल्कि सभी धर्मों की है। लोगों ने उनके इस बयान की आलोचना की थी।