गौरतलब है कि उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग लगातार बाधित हो रहे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार सुबह गंगोत्री हाईवे सैंज, नालूना और नालूपानी के पास बंद हो गया। नालूपानी के पास पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पत्थर और बोल्डर गिर रहे हैं। यहाँ यातायात पूरी तरह से बंद है। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी हुई है।
उधर, यमुनोत्री हाईवे पर कई जगहों पर सड़क धंसने और चट्टानी मलबा व बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पा रही है। यमुना धाम व अन्य गांवों के ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय में अपने दैनिक कार्य निपटाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एनएच विभाग से यमुनोत्री हाईवे को जल्द खोलने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय आने में किसी तरह की परेशानी न हो।
एनएच के ईई मनोज रावत का कहना है कि लगातार हो रहे कटाव और चट्टानों से गिर रहे मलबे व बोल्डर के कारण बार-बार दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी सड़क की मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर, स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बन रही झील से पैदा हुई समस्या खत्म नहीं हो रही है। यमुना नदी वैसे तो एक किनारे से बह रही है, लेकिन स्याना चट्टी पर कूपड़ा खड्ड आदि से आ रहे मलबे और बोल्डर पत्थरों के जमा होने से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से समस्या पैदा हो रही है। सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल का कहना है कि कूपड़ा खड्ड और यमुना नदी के मुहाने पर मलबा अधिक जमा होने और जल निकासी प्रभावित होने से यह समस्या बार-बार पैदा हो रही है। वहां मशीनें भेजी जा रही हैं। Uttarkashi Landslide